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राजधानी में काबू हो रहा कोरोना, 16 दिन में 136 मरीजों में से आठ ही हुए भर्ती
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लखनऊ में कमजोर पड़ रहा है कोरोना।
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में दिख रही है। संक्रमण के नए मामले जरूर मिल रहे हैं, लेकिन इनमें से महज आधा फीसदी को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।
नौ जुलाई से अब तक 136 नए मरीज मिले, जिनमें से सिर्फ आठ को ही अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके अलावा गंभीर मरीजों की संख्या कम होने से ही इस समय कुल सक्रिय 86 केस में से अस्पताल में भर्ती लोगों का आंकड़ा सिर्फ छह है।
संक्रमण की दूसरी लहर के बाद अब हालात सामान्य हो चुके हैं। पिछले 25 दिन से लखनऊ में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। इसके साथ अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है।
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एक सप्ताह पहले तक इनका आंकड़ा 19 था, जो अब छह रह गया है। पिछले 15 दिन में जो आठ मरीज भर्ती हुए, उनमें से ज्यादातर की उम्र 50 साल से ऊपर है। सिर्फ दो 50 साल से कम आयु के हैं। इन्हें भी कोरोना के साथ शुगर, ब्लड प्रेशर व अन्य समस्याएं पहले से थीं।
ज्यादातर आरक्षित अस्पताल खाली
लखनऊ में कोरोना के लिए इस समय 37 अस्पताल आरक्षित हैं, जिनमें 4539 बेड हैं। हालांकि, भर्ती मरीजों की संख्या सिर्फ छह रह गई है। ये भी केजीएमयू सहित सिर्फ तीन अस्पतालों में ही हैं। इनमें से तीन को आईसीयू में रखा गया है। बाकी मरीज सामान्य रूप से ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।
समय- कुल केस- होम आइसोलेशन- भर्ती
09 से 23 जुलाई- 133- 125-8
कोरोना के केस कम होने के बावजूद सैंपल जांचने में कोताही नहीं बरती जा रही है। अब भी 15 हजार सैंपल रोजाना लिए जा रहे हैं। नए मरीज काफी कम हो गए हैं। जो नए रोगी मिल भी रहे हैं, उनकी हालत गंभीर नहीं है। ऐसे में कुछ को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।
- डॉ. योगेश रघुवंशी, प्रवक्ता सीएमओ
संक्रमण के मामले कम होने के बाद अब गंभीर मरीजों की संख्या भी घटी है। इससे ही मौतों का आंकड़ा भी शून्य पर आ गया है। लोग संयम बनाए रखें तो तीसरी लहर को टाला जा सकता है।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
तीन केस मिले, तीन हुए डिस्चार्ज
राजधानी में शनिवार को एक बार फिर कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिली। शुक्रवार को जहां 10 नए केस मिले थे, शनिवार को इनकी संख्या तीन ही रही। इतने ही मरीज शनिवार को डिस्चार्ज भी किए गए। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या 86 रही। शनिवार को भी संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई।
ब्लैक फंगस का नया केस नहीं मिला
ब्लैक फंगस का एक भी नया मामला शनिवार को सामने नहीं आया। वहीं, स्वस्थ होने के बाद 12 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि अब तक संस्थान में 547 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। शनिवार को एक की सर्जरी की गई। मरीज की हालत स्थिर है।
26051 को लगी वैक्सीन
राजधानी में युवाओं में टीका लगवाने का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को 26051 लोगों ने टीका लगवाया। इसमें सबसे अधिक 18 पार वाले 13060 लोगों ने ने प्लस पहली डोज लगवाई। जबकि दूसरी डोेज 2002 ने लगवाई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि हेल्थ वर्कर में 129 ने पहली व 58 ने दूसरी, फ्रंट लाइन वर्कर में 16 ने पहली व 152 ने दूसरी डोज ली। इसी तरह 45 पार वालों में 4240 ने पहली व 3793 ने दूसरी जबकि बुजुर्गों में 1228 ने पहली व 1373 ने दूसरी डोज लगवाई।
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नौ जुलाई से अब तक 136 नए मरीज मिले, जिनमें से सिर्फ आठ को ही अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके अलावा गंभीर मरीजों की संख्या कम होने से ही इस समय कुल सक्रिय 86 केस में से अस्पताल में भर्ती लोगों का आंकड़ा सिर्फ छह है।
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संक्रमण की दूसरी लहर के बाद अब हालात सामान्य हो चुके हैं। पिछले 25 दिन से लखनऊ में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। इसके साथ अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है।
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एक सप्ताह पहले तक इनका आंकड़ा 19 था, जो अब छह रह गया है। पिछले 15 दिन में जो आठ मरीज भर्ती हुए, उनमें से ज्यादातर की उम्र 50 साल से ऊपर है। सिर्फ दो 50 साल से कम आयु के हैं। इन्हें भी कोरोना के साथ शुगर, ब्लड प्रेशर व अन्य समस्याएं पहले से थीं।
ज्यादातर आरक्षित अस्पताल खाली
लखनऊ में कोरोना के लिए इस समय 37 अस्पताल आरक्षित हैं, जिनमें 4539 बेड हैं। हालांकि, भर्ती मरीजों की संख्या सिर्फ छह रह गई है। ये भी केजीएमयू सहित सिर्फ तीन अस्पतालों में ही हैं। इनमें से तीन को आईसीयू में रखा गया है। बाकी मरीज सामान्य रूप से ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।
समय- कुल केस- होम आइसोलेशन- भर्ती
09 से 23 जुलाई- 133- 125-8
कोरोना के केस कम होने के बावजूद सैंपल जांचने में कोताही नहीं बरती जा रही है। अब भी 15 हजार सैंपल रोजाना लिए जा रहे हैं। नए मरीज काफी कम हो गए हैं। जो नए रोगी मिल भी रहे हैं, उनकी हालत गंभीर नहीं है। ऐसे में कुछ को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।
- डॉ. योगेश रघुवंशी, प्रवक्ता सीएमओ
संक्रमण के मामले कम होने के बाद अब गंभीर मरीजों की संख्या भी घटी है। इससे ही मौतों का आंकड़ा भी शून्य पर आ गया है। लोग संयम बनाए रखें तो तीसरी लहर को टाला जा सकता है।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
तीन केस मिले, तीन हुए डिस्चार्ज
राजधानी में शनिवार को एक बार फिर कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिली। शुक्रवार को जहां 10 नए केस मिले थे, शनिवार को इनकी संख्या तीन ही रही। इतने ही मरीज शनिवार को डिस्चार्ज भी किए गए। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या 86 रही। शनिवार को भी संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई।
ब्लैक फंगस का नया केस नहीं मिला
ब्लैक फंगस का एक भी नया मामला शनिवार को सामने नहीं आया। वहीं, स्वस्थ होने के बाद 12 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि अब तक संस्थान में 547 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। शनिवार को एक की सर्जरी की गई। मरीज की हालत स्थिर है।
26051 को लगी वैक्सीन
राजधानी में युवाओं में टीका लगवाने का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को 26051 लोगों ने टीका लगवाया। इसमें सबसे अधिक 18 पार वाले 13060 लोगों ने ने प्लस पहली डोज लगवाई। जबकि दूसरी डोेज 2002 ने लगवाई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि हेल्थ वर्कर में 129 ने पहली व 58 ने दूसरी, फ्रंट लाइन वर्कर में 16 ने पहली व 152 ने दूसरी डोज ली। इसी तरह 45 पार वालों में 4240 ने पहली व 3793 ने दूसरी जबकि बुजुर्गों में 1228 ने पहली व 1373 ने दूसरी डोज लगवाई।