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थम नहीं रहा धर्मांतरण, पत्नी के इलाज के लिए ईसाई बन गया दलित, मिशनरियां चोरी, छिपे कर रही काम
Tue, 29 Jan 2019 01:52 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 29 Jan 2019 01:52 PM IST
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- फोटो : amar ujala
भारत-नेपाल सीमा से सटे बहराइच के रानीपुरवा गांव में एक दलित ने पत्नी के इलाज कराने के लिए परिवार समेत धर्मांतरण कर लिया। इसका खुलासा होने पर सोमवार को हड़कंप मच गया।
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पुलिस, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ हिंदू संगठनों के लोग भी गांव पहुंचे। परिवार को समझाया। पुलिस ने सीमा क्षेत्र में सक्रिय ईसाई धर्म प्रचारक को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है। केस दर्ज किया गया है।
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सीमावर्ती क्षेत्रों में धर्मांतरण थम नहीं रहा है। ईसाई मिशनरियां चोरी, छिपे दलित व गरीब परिवारों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवा रही हैं। रुपईडीहा थाना अंतर्गत रानीपुरवा गांव निवासी रमेश गौतम ने परिवार समेत ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया।
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वह प्रत्येक शनिवार व रविवार को प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए नेपाल सीमा पर स्थित जैसपुर के चर्च में जाता है। इसका खुलासा सोमवार को होने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सकते में आ गईं। आननफानन में रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक मधुपनाथ मिश्र, खुफिया एजेंसियों के अधिकारी व हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने रमेश के घर पहुंचकर हकीकत जानने की कोशिश की।
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मिशन अस्तपाल के कर्मचारी ने दी थी धर्म परिवर्तन की सलाह
पता चला कि पत्नी अरसे से बीमार है। चार माह पहले सीमा पर स्थित एक मिशन अस्पताल के कर्मचारी धर्मेंद्र सिंह ने उसे धर्म परिवर्तन करने की सलाह दी जो उसने मान ली। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले पर नजर रखी जा रही है।