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यूपीः इस तरह से हजारों लोगों को मिलेगी पक्की नौकरियां

Wed, 19 Aug 2015 10:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Wed, 19 Aug 2015 10:36 AM IST
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Contractual employee became permanent

दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मियों को स्थायी करने के लिए संबंधित संस्थाओं में पद न होने पर अधिसंख्य पदों का सृजन भी किया जा सकेगा। शासन ने प्रमुख सचिवों व सचिवों को इन कर्मियों को स्थायी नियुक्ति देने की कार्यवाही शुरू करने और इसके लिए पद न होने पर अधिसंख्य पदों के सृजन की भी मंजूरी दे दी है।

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प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बताते चलें, पिछले दिनों सरकार ने 31 मार्च 1996 तक राजकीय विभागों, स्वशासी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्थानीय निकायों, विकास प्राधिकरणों व जिला पंचायतों में नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मियों को स्थायी करने का फैसला किया था।
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इसमें यह सवाल भी था कि कई संस्थाओं में इस तरह के जितने कर्मी कार्यरत हैं, वहां उतने पद खाली ही नहीं हैं। ऐसे में इनको कैसे स्थायी किया जाएगा? अब शासन ने तय किया है कि पहले विभाग व संस्था में उपलब्ध रिक्तियों के मुकाबले स्थायी नियुक्ति की जाएगी। जहां रिक्तियां नहीं होंगी, वहां जरूरत होने पर अधिसंख्य पद सृजित कर कर्मियों को स्थायी किया जाएगा।

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जल्द ही संविदा कर्मियों की नौकरी हो जाएगी पक्की

Contractual employee became permanent

प्रमुख सचिव वित्त ने सभी प्रमुख सचिवों व सचिवों से कहा है कि वे अपने नियंत्रणाधीन विभागों व विभागों के  अधीन स्वशासी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्थानीय निकायों, विकास प्राधिकरणों व जिला पंचायतों आदि में 31 मार्च 1996 तक नियुक्त कर्मियों को नियमित करने की कार्यवाही तत्काल शुरू कर दें।

इसके लिए जहां जरूरी हो, अधिसंख्य पदों के सृजन की कार्यवाही की जाए। हालांकि इसके लिए वित्त विभाग की सहमति लेनी होगी। प्रदेश में ऐसे पांच हजार कर्मियों की नौकरी पक्की की जानी है।

शासन ने इसके साथ ही भविष्य में बिना शासन की अनुमति के नियुक्तियां करने पर कर्मियों को किए गए भुगतान की वसूली नियोक्ता के वेतन से करने का फैसला किया है। शासन की बिना पूर्व स्वीकृति के इस तरह की नियुक्तियों को दंड की श्रेणी में माना जाएगा।

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