फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Consumers will get compensation if electricity problem does not go away in due time

तय समय में बिजली समस्या दूर न होने पर उपभोक्ताओं को मिलेगा हर्जाना

Thu, 21 Nov 2019 10:55 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Thu, 21 Nov 2019 10:55 AM IST
विज्ञापन
Consumers will get compensation if electricity problem does not go away in due time
घर के बाहर लगा बिजली का मीटर - फोटो : अमर उजाला

तय समय में समस्या का निराकरण न होने व सेवा न मिलने पर बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं को हर्जाना देना होगा। अलग-अलग समस्याओं व सेवाओं के लिए हर्जाने की राशि तय की गई है। इसके लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्टैंडर्ड ऑफ  परफार्मेंस रेगुलेशन-2019 का मसौदा तैयार कराया है। इस पर बुधवार को आयोग ने जनसुनवाई की। दिलचस्प बात यह रही कि इतने अहम मुद्दे पर जन सुनवाई में पावर कार्पोरेशन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। दूसरे मामले के लिए पहुंचे कॉर्पोरेशन के एक कंसल्टेंट ने आधी-अधूरी जानकारी दी तो आयोग के अध्यक्ष ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए भविष्य में पूरी तैयारी के साथ आने की हिदायत दी। आयोग जल्द ही स्टैंडर्ड ऑफ  परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2019 जारी करेगा, जिसके बाद उपभोक्ताओं को हर्जाना मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

विज्ञापन


नियामक आयोग ने विद्युत वितरण संहिता 2005 में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण व विभिन्न सेवाओं के लिए समयसीमा तय कर रखी है। इसमें ब्रेक डाउन, केबिल फाल्ट, ट्रांसफार्मर बदलने, नया कनेक्शन देने, मीटर रीडिंग, लोड घटाने-बढ़ाने व अन्य मामले शामिल हैं। विद्युत वितरण संहिता में स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद उपभोक्ताओं को तय समय में सेवाएं नहीं मिल रही हैं। उपभोक्ता सेवाओं के प्रति बिजली कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए आयोग ने अब स्टैंडर्ड ऑफ  परफॉर्मेंस रेगुलेशन-2019 लागू करने का फैसला किया है। आयोग के  अध्यक्ष आरपी सिंह व सदस्य केके शर्मा ने  रेगुलेशन के मसौदे पर बुधवार को जनसुनवाई की।
विज्ञापन


उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि कॉर्पोरेशन कंसल्टेंट पर 500 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, नतीजा सामने है। कंसल्टेंट की नाक के नीचे पीएफ घोटाला हो गया। वर्मा ने प्रस्तावित रेगुलेशन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बिजली कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को न्याय मिलेगा। वर्मा ने कहा कि रेगुलेशन में 60 दिन के भीतर हर्जाना देने का प्रावधान प्रस्तावित है, जिसे 30 दिन किया जाना चाहिए। यह शर्त लगाई गई है कि उपभोक्ता को एक वित्तीय वर्ष में उसके फिक्स चार्ज/डिमांड चार्ज के 30 प्रतिशत से अधिक का हर्जाना नहीं दिया जाएगा। इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रेगुलेशन में आयोग द्वारा प्रमुख समस्याओं/सेवाओं के लिए प्रस्तावित हर्जाना

उपभोक्ता समस्या ---------------------------   प्रस्तावित हर्जाना (रुपये में)
वोल्टेज का उतार-चढ़ाव --------------------   100 प्रतिदिन
नए कनेक्शन में देरी  ------------------------  100 प्रतिदिन
मीटर रीडिंग के मामले  ---------------------  200 प्रतिदिन
खराब मीटर बदलना -------------------------   50 प्रतिदिन
बिलिंग शिकायत    ----------------------------  50 प्रतिदिन
लोड घटना/बढ़ाना  ----------------------------  50 प्रतिदिन
ट्रांसफार्मर फेल ग्रामीण/शहरी क्षेत्र  --------  150 प्रतिदिन
अंडर ग्राउंड केबिल ब्रेकडाउन  -------------  100 प्रतिदिन
सबस्टेशन विस्तार/निर्माण --------------------   500 प्रतिदिन
काल सेंटर द्वारा रिस्पांस न दिया जाना  -----  50 प्रतिदिन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed