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उपभोक्ता परिषद ने उठाई मांग: पंजाब व उत्तराखंड की तरह यूपी में भी कम हो बिजली दर, लोगों को राहत दे सरकार
Sun, 07 Nov 2021 01:26 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 07 Nov 2021 01:26 PM IST
सार
केंद्र और प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों पर निकल रहे करोड़ों रुपये के एवज में बिजली दरों में कमी करके उपभोक्ताओं के बकाया राशि को समायोजित कराए।
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब सरकार की ओर से अनुदान देकर और उत्तराखंड सरकार द्वारा फिक्स चार्ज में ब्याज माफ करके बिजली दर कम करने के एलान के बाद यूपी में भी लामबंदी शुरू हो गई है। उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सरकार से बिजली दर कम करके उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 20,596 करोड़ रुपये बकाया है, इसलिए सरकार बकाया राशि का घरेलू व किसान उपभोक्ताओं के बिल में समायोजन करते हुए बिजली दरों में कमी लाने का एलान करे।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में परिषद ने उप्र विद्युत नियामक आयोग में 17 सितंबर को याचिका दाखिल की थी। जिस पर आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने आयोग को अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। उपभोक्ताओं के बिजली दरों को कम न किया जाना उनके साथ अन्याय है। उनका कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों पर निकल रहे करोड़ों रुपये के एवज में बिजली दरों में कमी करके उपभोक्ताओं के बकाया राशि को समायोजित कराए।
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