{"_id":"614b0b9c572acf2929371301","slug":"consumer-committee-wants-tough-actions-to-reduce-the-loss-of-electricity-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ने के लिए तय हो जवाबदेही, उपभोक्ता परिषद ने कठोर कदम उठाने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ने के लिए तय हो जवाबदेही, उपभोक्ता परिषद ने कठोर कदम उठाने की मांग की
Wed, 22 Sep 2021 06:16 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 22 Sep 2021 06:16 PM IST
सार
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ऐसा होने पर लोगों को सस्ती बिजली दी जा सकेगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिजली कंपनियों के साल दर साल बढ़ रहे घाटे पर चिंता जताते हुए इसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि घाटे पर अंकुश के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है। इससे ही सस्ती बिजली का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि बिजली कंपनियां सुधार के बड़े-बड़े दावे करती हैं, लेकिन हर साल उसका घाटा बढ़ता जा रहा है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2000 में तत्कालीन राज्य विद्युत परिषद का घाटा 10 हजार करोड़ पहुंचने पर सरकार ने विद्युत परिषद का विघटन करके बिजली कंपनियां बना दी थीं और पूरे घाटे का जिम्मा खुद लिया था। जबकि 20 साल में यह घाटा बढ़कर 90 हजार करोड़ के ऊपर पहुंच गया है।
विज्ञापन
इससे उबारने के लिए पहले वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) फिर उदय योजना लाई गई। मगर घाटा साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। इसे कम करने के मोर्चे पर बिजली कंपनियां अब तक फेल रही हैं। ऊपर से नीचे तक हर स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए इस दिशा में कठोर कदम उठाया जाना चाहिए।
इसके पहले शुक्रवार को बिजली दरों में कमी के लिए राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से दायर याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। उपभोक्ता परिषद ने बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं की निकल रही 20596 करोड़ रुपये की देनदारी के एवज में बिजली दरों में कमी की याचिका दायर की है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने शुक्रवार को नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह से मिलकर याचिका पर जल्द निर्णय करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने पूर्व में दाखिल पुनर्विचार याचिका के क्रम में एक प्रस्ताव भी सौंपा। वर्मा ने आयोग के सदस्य कौशल किशोर शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्तव से भी इस मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद आयोग के सचिव संजय सिंह ने पावर कॉर्पोरेशन की रेगुलेटरी अफेयर यूनिट (आरएयू) के मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर उपभोक्ता परिषद की याचिका पर जवाब देने को कहा है।