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गुडंबा मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपियों ने उगले राज, नेपाल से आई थी जाली नोटों की खेप
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नेपाल से आई थी जाली नोटों की खेप। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी में जाली नोटों की खेप नेपाल से आई थी। इसे नेपाल सीमा पर तस्करों ने हासिल की थी। यह राज गुडंबा में मुठभेड़ के बाद दबोचे गए दो तस्करों ने उगले हैं।
दोनों ने बताया कि जाली नोटाें की खेप व गोरखपुर व लखीमपुर खीरी स्थित नेपाल सीमा से हासिल करते थे। जिसे लखनऊ व आसपास के जिलों में लाकर खपाते थे।
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह की टीम ने गुडंबा में मुठभेड़ के दौरान विशाल यादव और मंगेश्वर गिरि को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास 40 हजार रुपये के जाली नोट मिले थे।
इनका एक साथी रोहित यादव फरार हो गया था। रोहित की तलाश में जुटी पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। इनसे पूछताछ में कई जानकारियां हाथ लगी।
इस दौरान विशाल व मंगेश्वर के नेपाल में संपर्क होने की बात सामने आयी। एडीसीपी का कहना है कि गिरोह के बारे में कई जानकारियां हाथ लगी हैं।
मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पड़ताल हो रही है। पुलिस के सामने दोनों ने कुबूला है कि उनका नेटवर्क पूरे प्रदेश में है। खासकर नेपाल के सटे जिलों और आसपास के इलाकों में।
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जाली नोटों को किराना, चाय, पान, फुटपाथ के दुकानदारों में खपाते हैं। जल्द ही कुछ और नाम सामने आएंगे।
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दोनों ने बताया कि जाली नोटाें की खेप व गोरखपुर व लखीमपुर खीरी स्थित नेपाल सीमा से हासिल करते थे। जिसे लखनऊ व आसपास के जिलों में लाकर खपाते थे।
एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह की टीम ने गुडंबा में मुठभेड़ के दौरान विशाल यादव और मंगेश्वर गिरि को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास 40 हजार रुपये के जाली नोट मिले थे।
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इनका एक साथी रोहित यादव फरार हो गया था। रोहित की तलाश में जुटी पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। इनसे पूछताछ में कई जानकारियां हाथ लगी।
इस दौरान विशाल व मंगेश्वर के नेपाल में संपर्क होने की बात सामने आयी। एडीसीपी का कहना है कि गिरोह के बारे में कई जानकारियां हाथ लगी हैं।
मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पड़ताल हो रही है। पुलिस के सामने दोनों ने कुबूला है कि उनका नेटवर्क पूरे प्रदेश में है। खासकर नेपाल के सटे जिलों और आसपास के इलाकों में।
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