{"_id":"641934a9e22c291781013af3","slug":"congress-working-committee-will-be-declared-soon-2023-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Congress: कांग्रेस सीडब्ल्यूसी की घोषणा जल्द, बदले जा सकते हैं प्रियंका समेत कई राज्यों के प्रभारी महासचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Congress: कांग्रेस सीडब्ल्यूसी की घोषणा जल्द, बदले जा सकते हैं प्रियंका समेत कई राज्यों के प्रभारी महासचिव
Tue, 21 Mar 2023 10:08 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 21 Mar 2023 10:08 AM IST
सार
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। पार्टी की कार्यसमिति का चुनाव जल्द ही होगा जिसमें यूपी से तीन-चार नेता शामिल हो सकते हैं।
विज्ञापन
यूपी की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : वीडियो ग्रैब @INCIndia
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस की सेंट्रल वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की घोषणा जल्द होगी। यूपी की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई राज्यों के प्रभारी महासचिव बदले जा सकते हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अभी तक सीडब्ल्यूसी का गठन नहीं किया।
विज्ञापन
इस बार सीडब्ल्यूसी में 35 सदस्यों को शामिल किए जाने की संभावना है। इनमें यूपी से भी तीन-चार नेता हो सकते हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी यूपी की प्रभारी महासचिव हैं लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद सिर्फ एक बार यहां आई हैं। ऐसे में इन कयासों को काफी बल मिल रहा है कि यहां के प्रभारी महासचिव की उनकी जिम्मेदारी बदल सकती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - संघ की पहल: दलित दूसरों की तरह चढ़ें घोड़ी, शिव मंदिरों में करें जलाभिषेक, नौकर और नौकरानी के साथ भी चाय पीएं
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - पहले लालच देकर, फिर डराकर माफिया कर रहे जेलों में राज, जो नहीं झुकते वे जान से जाते हैं; जेल अधिकारियों...
यूपी में महिलाओं की कोई सुनवाई नहीं
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुरादाबाद की एक छात्रा के सुसाइड नोट का जिक्र करते हुए ट्वीट किया। इसमें कहा गया है कि यूपी में यह पहला वाकया नहीं है कि जब पीड़िता की बात नहीं सुनी गई।
मीडिया में विज्ञापनों में कहा जाता है कि यूपी में अपराधी थर-थर कांप रहे हैं लेकिन असलियत में यहां हर दिन अपराधी बेखौफ होकर महिलाओं के खिलाफ अपराध करते हैं। सरकारी तंत्र में महिलाओं की कोई सुनवाई नहीं होती है।