कांग्रेसी पीसीसी मुख्यालय लाना चाहते थे एनडी तिवारी का पार्थिव शरीर
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प्रदेश कांग्रेस के नेता यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का पार्थिव शरीर पीसीसी मुख्यालय लाना चाहते थे। इसके लिए अंतिम समय तक भरसक प्रयास भी किए गए, पर स्व. तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी इसके लिए तैयार नहीं हुए। यही वजह रही कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेसियों की खास भागीदारी नहीं दिखी।
पार्टी के भरोसमंद सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कुछ नेताओं को जिम्मेदारी दी थी कि वे इस मामले में रोहित शेखर तिवारी से बात करें। इनमें से एक नेता ने रोहित शेखर से फोन पर बात की।
उन्हें बताया कि उनका राजनीतिक भविष्य कांग्रेस पार्टी के साथ ही है। इसलिए पार्थिव शरीर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर भी लाने की सोचें, लेकिन सूत्रों का कहना है कि रोहित शेखर इस पर तैयार नहीं हुए। अपने जीवन के अंतिम कुछ बरसों में एनडी तिवारी कांग्रेस के किसी दफ्तर में नहीं गए। राज्यपाल पद से हटाए जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने भी उनकी कभी कोई सुध नहीं ली।
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मुझे भाई से नहीं मिलने दिया गया : प्रो. रमेश तिवारी
नारायण दत्त तिवारी के भाई 90 वर्षीय प्रो. रमेश चंद्र तिवारी भी अपने परिवार के साथ एनडी के अंतिम दर्शन के लिए विधान भवन पहुंचे। प्रो. तिवारी ने कहा कि पिछले चार साल में कई बार भाई से मिलने की इच्छा हुई, पर नहीं मिलने दिया गया। अस्पताल में भर्ती भाई से मिलने का प्रयास किया, पर सफल नहीं हुए। उन्होंने बिना नाम लिए इसके लिए अंतिम वर्षों में स्व. तिवारी की देखभाल करने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
मुलायम ने सिर पर हाथ रख बंधाया ढांढस
विधान भवन में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव जहां बैठे थे, वहां उज्ज्वला शर्मा तिवारी और रोहित शेखर तिवारी पहुंचे। मुलायम ने उनके सिर पर हाथ रखा। रोहित तो कुछ देर तक मुलायम के कान में कुछ कहते भी रहे। इस दौरान डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा भी पास में ही बैठे थे।