बिना लड़े ही कांग्रेस ने डाले हथियार, नहीं उतारेगी प्रत्याशी!
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कांग्रेस विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी को वॉक ओवर देने जा रही है। इसके लिए कांग्रेस अब परिषद में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।
कांग्रेस के इस कदम के बाद यदि भाजपा एक ही प्रत्याशी उतारती है तो विधान परिषद के लिए चुनाव नहीं होगा। ऐसे में सपा का आठवां प्रत्याशी व बसपा का तीसरा प्रत्याशी बगैर किसी मशक्कत के जीत जाएगा। सोमवार तक कांग्रेस इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
इस चुनाव में सपा की ओर से आठवां प्रत्याशी उतारने के साथ ही यह कयास लगाए जाने लगे थे कि अब कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। लेकिन आठ जनवरी को प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के प्रत्याशी उतारने के बयान के बाद फिर इस चर्चा को विराम लग गया था।
दरअसल, कांग्रेस के पास 28 विधायक हैं। लेकिन उसे एक सीट जिताने के लिए पांच विधायकों का समर्थन और चाहिए। इसके साथ ही सपा व बसपा को भी अपने-अपने प्रत्याशी जिताने के लिए अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करना है।
यह है असली कारण
ऐसे में कांग्रेस को लग रहा है कि चुनाव की दशा में उसके विधायकों में भी सेंधमारी हो सकती है। इसके अलावा राज्यसभा के दो बार हुए चुनाव में कांग्रेस ने प्रमोद तिवारी व पीएल पुनिया के लिए सपा का समर्थन लिया है।
इसलिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यह चाह रहे हैं कि इस बार विधान परिषद में सपा के समर्थन में प्रत्याशी नहीं उतारा जाना चाहिए।
वहीं, प्रदेश नेतृत्व भी यह समझ रहा है कि चुनाव की दशा में उसका नुकसान ज्यादा हो सकता है। इस बारे में जब कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी से पूछा गया तो उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की।
कहा कि ऐसी संभावना बन गई है कि कांग्रेस विधान परिषद में अब अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।