फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   congress preparations for 2014 elections

यूपी में फेल होगा कांग्रेस का हवाई प्लान?

Mon, 17 Feb 2014 02:24 PM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लख्ानऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लख्ानऊ Updated Mon, 17 Feb 2014 02:24 PM IST
विज्ञापन
congress preparations for 2014 elections

लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपना संगठन ही नहीं खड़ा कर पा रही है। हालत यह है कि अभी भी आधे से अधिक लोकसभा क्षेत्रों में बूथ कमेटियां तक गठित नहीं हो सकी है।

विज्ञापन


कई जगह कमेटियां गठित भी हुई हैं तो उनमें एक या दो कार्यकर्ता ही हैं। खुद यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री भी इस पर चिंता जता चुके हैं।

उन्होंने एक बार फिर बूथ कमेटियों के गठन का फरमान जारी कर दिया है।गौरतलब है कि लखनऊ में पिछले दिनों एक बैठक भी हुई, जिसमें इन सभी मुद्दों पर बात की गई।

विज्ञापन

कब-कब क्या-क्या हुआ

congress preparations for 2014 elections

वर्ष 2012 में प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के हटते ही सभी कमेटियां व इकाईयां भंग हो गईं। इसके बाद नए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री आए।

15-20 दिन बाद उन्होंने 11 प्रवक्ताओं की एक टीम बनाई। कुछ दिनों बाद प्रदेश को आठ जोन में बांटकर जोनल सिस्टम लागू कर दिया गया।

इस जोनल सिस्टम में सलमान खुर्शीद, बेनी प्रसाद वर्मा जैसे बड़े-बडे़ नेताओं को कमान दी गई। हालत यह हुई है कि किसी ने भी अपनी रिपोर्ट तक नहीं दी। बाद में जो रिपोर्ट दी वह प्रदेश अध्यक्ष को दरकिनार करते हुए सीधे राहुल गांधी को भेजी गई।

डेढ़ साल बाद गठित हुई कार्यकारिणी

congress preparations for 2014 elections

इस बार कांग्रेस को अपनी गलती समझ में आई तो फिर से जोनल इंचार्ज व कोआर्डिनेटर बदले गए। इस बार विधायकों व पूर्व विधायकों को ही जोन की जिम्मेदारी दी गई।

जोनल सिस्टम के कारण प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने पूरे डेढ़ साल तक प्रदेश कार्यकारिणी ही गठित नहीं की। पिछले महीने जनवरी में 288 लोगों की प्रदेश कार्यकारिणी गठित हुई। इसमें भी जिन्हें जगह नहीं मिली वे नाराज हो गए।

विज्ञापन

जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में लगाया ज्यादा समय

congress preparations for 2014 elections

जिला व शहर अध्यक्षों की नियुक्तियों में भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने काफी समय लगाया। जो कमेटियां गठित की उनमें भी अध्यक्ष के साथ कार्यवाहक अध्यक्ष बना दिए।

प्रदेश की 75 फीसदी जिला व शहर इकाईयों ऐसी हैं जहां अध्यक्ष के साथ ही कार्यवाहक अध्यक्ष भी हैं। दो-दो नेताओं के बीच जिला व शहर इकाईयां झूल रही हैं।

कोई भी कार्यक्रम होता है तो दोनों नेता अलग-अलग आयोजन करते हैं। बूथ कमेटियों का गठन भी जिला व शहर कमेटियों के हवाले है।

जब आपसी झगड़े से यह नेता ऊबर नहीं पा रहे हैं तो ईमानदारी से कमेटियां गठित करने की बात सोचना भी बेईमानी है।

मिस्त्री भी औपचारिकता निभा गए

congress preparations for 2014 elections

यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री को प्रदेश कांग्रेस को चुस्त-दुरुस्त करने का जिम्मा मिला है। लेकिन वे भी केवल औपचारिकता निभाने तक सीमित हैं।

संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए मधुसूदन मिस्त्री 14 व 15 फरवरी को लखनऊ आए थे। एक ही दिन में उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी, वर्ष 2012 में विधायकों का चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों, महिला कांग्रेस व कम्युनिकेशन विभाग के साथ बैठक की औपचारिकता निभा दी।

एक वरिष्ठ कांग्रेसी कहते हैं कि ‘...ऐसी बैठकों से क्या फायदा, कोई अपनी बात ढंग से कह न सका और न ही कोई निष्कर्ष निकला। केवल हवा-हवाई बातें हुईं और मिस्त्री जी निकल गए...।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed