मोदी को हराने काशी पहुंच रहे हैं कांग्रेसी दिग्गज
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लगता है कि कांग्रेस का मकसद लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करना कम बल्कि मोदी को रोकना ज्यादा है तभी अब ज्यादातर कांग्रेसी वाराणसी पहुंच गए हैं।
जबकि कई ऐसे हैं जो एक-दो दिन में काशी पहुंच जाएंगे। वाराणसी में अंतिम चरण यानी 12 मई को मतदान होना है।
मोदी को घेरने की रणनीति के तहत कांग्रेस के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद, वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी मधु सूदन मिस्त्री वाराणसी पहुंच गए हैं।
इनके अलावा सत्यव्रत चतुर्वेदी, मुकुल वासनिक, सीपी जोशी, मोहन प्रकाश व अविनाश पांडेय ने भी यहां डेरा जमा लिया है। जबकि फिल्म स्टार राजबब्बर, अमीषा पटेल, नगमा सहित कई और नेता एक-दो दिन में वाराणसी पहुंचने वाले हैं।
मुस्लिम वोट अहम
बताया जा रहा है कि वाराणसी में मुस्लिम वोटरों की संख्या लगभग तीन लाख है कि ऐसे में अगर मुस्लिम वोट बैंक मोदी के खिलाफ लामबंद हो जाता है तो मोदी के लिए मुश्किल हो सकती है।
यह भी बताया जा रहा है कि मुस्लिम वोट आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के पक्ष में तेजी से लामबंद होता जा रहा है। अगर मुस्लिम वोटर केजरीवाल के साथ आ जाता है तो मोदी को कड़ी टक्टर मिल सकती है।
वाराणसी में 12 मई को मतदान है, तब तक यहां की राजनीति किस करवट बैठती है, कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन मोदी के नामांकन के समय उन्हें मिले भारी जनसमर्थन के कारण अभी दौड़ में सबसे आगे मोदी ही नज़र आ रहे हैं।
मोदी को रोकना ही मकसद
कांग्रेसी नेताओं के वाराणसी पहुंचने से अब साफ हो गया है कि पार्टी का मकसद अब किसी भी तरह से मोदी को रोकना ही है।
जबकि राजनीतिक पंडित कयास लगा रहे हैं कि कांग्रेसी नेताओं की अब चुनाव में दिलचस्पी नहीं है।
खास बात है कि चार राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से कांग्रेसियों ने मोदी को निशाने पर लेना शुरू कर दिया था।
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्वीकार कर लिया था कि वह जनता के बीच अपने अच्छे कार्यक्रमों का प्रचार नहीं कर पाए।