भाजपा की लंबी राजनीति अमेठी के अभेद्य दुर्ग में राहुल की घेराबंदी
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भारतीय जनता पार्टी अमेठी के अभेद्य दुर्ग में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की घेराबंदी की कोशिशों में जुटी है। केंद्र सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाने वाले राहुल को भाजपा अमेठी में उलझाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
लोकसभा चुनाव हारने के बाद चौथी बार अमेठी आईं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। अमेठी में लंबी राजनीति करने का संकेत दिया। कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अमेठी को कांग्रेसमुक्त कराने तक संघर्ष जारी रखें।
स्मृति ने 2014 का लोकसभा चुनाव अमेठी से लड़ा था। चुनाव हारने के बावजूद वे अमेठी से दूर नहीं हुई हैं। रविवार को उन्होंने यहां 12 रुपये सालाना प्रीमियम वाली प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 25 हजार महिलाओं की बीमा के पहले साल के प्रीमियम का चेक बैंक को सौंपा।
इस मौके पर उन्होंने अमेठी से अपने लगाव और राहुल व कांग्रेस के प्रति जो तेवर दिखाए, उससे साफ है कि वे राहुल गांधी के लिए उनके संसदीय क्षेत्र में सिरदर्दी पैदा करती रहेंगी। उनके लिए क्षेत्र की अनदेखी कर पाना आसान नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री ने लोगों को लुभाने के लिए भावनात्मक के साथ ही विकास का कार्ड भी खेला।
इस तरह चला भावनात्मक कार्ड
उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी क्षमता से क्षेत्र के विकास और लोगों की मदद की कोशिश की। यदि मुझसे कोई गलती हुई हो तो बहन के नाते माफ कर देना। गलती नहीं की है तो आशीर्वाद दें कि आपके बीच आकर काम करती रहूं’।
इससे साफ जाहिर है कि वे 2019 की जमीन तैयार करने में जुटी हुई हैं। उन्होंने रेल लाइन, हाईवे निर्माण से लेकर खाद की उपलब्धता कराने समेत विकास के तमाम काम गिनाए।
निशाने पर राहुल, करारा पलटवार
राहुल पिछले सप्ताह ही अमेठी के दो दिवसीय दौरे पर आए थे। उन्होंने किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया था। स्मृति कहां पीछे रहने वाली थीं। उन्होंने राहुल और कांग्रेस पर किसानों की जमीन हड़पने का ही आरोप लगा दिया। जिस जमीन का उल्लेख किया, वह लगभग 30 साल पहले एक साइकिल फैक्ट्री को आवंटित हुई थी।
छह महीने पहले यह जमीन राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम हो गई है। वे यहीं नहीं रुकीं, मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब में कहा कि डेढ़ मिनट का लिखित भाषण पढ़ने वाले (राहुल) और बिना लिखे डेढ़ घंटा बोलने वाले (मोदी) के बीच का अंतर आप खुद महसूस कर लीजिए। उन्होंने शिक्षा व जमीन जैसे मुद्दों पर राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी।
हर तबके को छुआ, योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य दिया
भले ही समारोह में महिलाओं की तादाद ज्यादा रही हो लेकिन पब्लिक कनेक्ट स्थापित करने में माहिर स्मृति ने हर तबके को छूने की कोशिश की। सब्जी, ठेलेवालों, नाई, कुम्हार, साइकिल मैकेनिक, पापड़ बनाने वाली महिलाओं समेत छोटे-मोटे कामकाज से जुड़े लोगों को प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना से जोड़ने का लक्ष्य भी तय कर दिया।
पार्टी नेताओं से कहा कि वे ऐसे लोगों की सूची बना लें। वह सितंबर या अक्तूबर में आएंगी। इन सभी को बिना किसी जमानत या गारंटी के 50 हजार से 10 लाख रुपये तक के कर्ज दिलाएंगी।
कांग्रेस का परंपरागत गढ़ रहा है अमेठी
अमेठी संसदीय सीट 1967 में बनी थी। तब से लेकर अब तक हुए 13 संसदीय चुनावों में 11 बार गांधी परिवार या उनके वफादार बड़े अंतर से चुनाव जीते हैं। संजय गांधी और राहुल गांधी यहीं से सांसद रहे। 2004 से राहुल गांधी सांसद हैं। 1977 से 1980 के बीच जनता पार्टी के रवींद्र प्रताप सिंह और 1998-99 में भाजपा से डॉ. संजय सिंह विजयी हुए थे।
पिछले चुनाव में स्मृति ईरानी ने कम समय की चुनावी तैयारियों के बावजूद राहुल को जोरदार टक्कर दी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्मृति को 3.07 लाख वोट मिले। इकतरफा जीत हासिल करने वाले राहुल गांधी मात्र 1.07 लाख मतों से ही जीत दर्ज करा सके थे।