{"_id":"9c52a898690b724bad951c51cf30aefb","slug":"congress-and-madhusudan-mistry","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी कांग्रेस मिस्त्री...लेबर और जर्जर इमारत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी कांग्रेस मिस्त्री...लेबर और जर्जर इमारत
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 21 Jul 2013 03:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश कांग्रेस की जर्जर इमारत को मजबूती देने की जिम्मेदारी पार्टी आलाकमान ने मिस्त्री के कंधों पर डाली है।
विज्ञापन
मिस्त्री अपने लेबरों के साथ बुनियाद की पड़ताल करके पता लगाने में जुटे हैं कि, आखिर कमजोरी शुरू कहां से हुई। काम आसान बनाने के लिए वे अपने चार सहयोगियों को भी साथ लाए हैं।
कांग्रेसी भी कम सयाने नहीं, मिस्त्री बुनियाद तक पहुंचें इससे पहले ही यह समझाने में जुट गए हैं कि सब ठीक-ठाक है। हल्की-फुल्की डेंटिंग-पेंटिंग ही काफी है।
विज्ञापन
अब बाल धूप में तो सफेद हुए नहीं सो मिस्त्री को भी समझ में आ गया यूपी कांग्रेस की मरम्मत आसान नहीं है क्योंकि जिन्हें इमारत को दुरुस्त करने के लिए औजार और गारा-पानी मुहैया कराना है वही चाहते हैं कि, बांस-बल्ली पर ही इमारत टिकी रहे ताकि उनका काम चलता रहे।
विज्ञापन
मिस्त्री अब ऐसे लोगों की तलाश में हैं जो उन्हें यहां औजार व गारा-पानी मुहैया करा सकें ताकि वह पार्टी हाईकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतर सकें क्योंकि ‘दिल्ली’ ने उनसे काफी उम्मीदें लगा रखी हैं।
मिस्त्री को यूपी का जिम्मा सौंपे जाने के बाद जो लोग खुश हो रहे थे वही अब यह कह रहे हैं कि जब अपने ही लोग बुनियाद खोदने में जुटे हों तो बड़े से बड़ा मिस्त्री चाहे जितने लेबर लेकर मरम्मत में जुट जाए इमारत मजबूत हो ही नहीं सकती।