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पुलिस महकमे की जर्जर इमारतें होंगी ध्वस्त, पढ़ें योगी सरकार के महत्वपूर्ण फैसले

Tue, 22 Dec 2020 06:26 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 22 Dec 2020 06:26 AM IST
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Condem buildings of police department will be razed, Yogi government cleared cabinet by circulation, read important decisions
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

प्रदेश कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर पुलिस महकमे की कंडम हो चुकी इमारतों को ध्वस्त करने की मंजूरी दे दी है। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस महकमे की कंडम हो चुकी इमारतों को गिराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था।

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कई जिलों के कलेक्ट्रेट व तहसीलों में नए अनावासीय भवन बनने का रास्ता साफ
प्रदेश केजौनपुर, फतेहपुर, इटावा, हरदोई, अलीगढ़, बुलंदशहर व वाराणसी में कलेक्ट्रेट या तहसीलों के अनावासीय भवनों के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश कैबिनेट ने इसके लिए इन जिलों में निष्प्रयोज्य व जर्जर हो चुके 25 भवनों को ध्वस्त करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन भवनों के ध्वस्तीकरण से 2 करोड़ 10 लाख 24 हजार रुपये का नुकसान होगा। इसे बट्टे खाते में डालने का फैसला किया गया है।
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जौनपुर के मछलीशहर, मड़ियाहू व केराकत तहसील, फतेहपुर में बिंदकी तहसील, हरदोई में शाहाबाद तहसील के अनावासीय भवनों का पुनर्निर्माण तथा वाराणसी के तहसील सदर के अनावासीय भवनों का निर्माण किया जाना है।
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इसी तरह इटावा कलेक्ट्रेट परिसर में सीआरए कार्यालय भवन तथा अलीगढ़ व बुलंदशहर कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवनों का पुनर्निर्माण होना है। इनके निर्माण के लिए इन तहसीलों व कलेक्ट्रेट परिसरों में पूर्व से संचालित 25 निष्प्रयोज्य भवनों, आवासों, कार्यालयों को ध्वस्त करने की सहमति दे दी गई है।

अलकनंदा होटल में दिखेगी यूपी और उत्तराखंड की संस्कृतियों की झलक

उत्तराखंड के हरिद्वार में बन रहे पर्यटन विभाग के होटल अलकनंदा के फ्रंट एलिवेशन में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी। होटल में उच्चस्तरीय यात्री और सुरक्षा सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी। योगी कैबिनेट ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन होटल में उच्च स्तरीय सुविधाओं के लिए मंजूरी दी है।

पर्यटन विभाग की ओर से हरिद्वार में होटल अलकनंदा का निर्माण कराया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अगले वर्ष होने वाले हरिद्वार कुंभ से पहले निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। होटल में प्रस्तावित कार्य पीडब्ल्यूडी के शिड्यूल रेट लिस्ट में नहीं होने के कारण विभाग की ओर से कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखा गया।

जेल वार्डरों के प्रमोशन में आ रही अड़चन होगी दूर
जेल वार्डरों के प्रमोशन में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए कारापाल नियमावली में संशोधन किया गया है। पहले की नियमावली में जेल वार्डर की तीन श्रेणी थी। यह श्रेणी जेल के बाहर की सुरक्षा के लिए अलग बंदी रक्षक, जेल के अंदर की सुरक्षा के लिए अलग बंदी रक्षक और महिला बंदी रक्षक। इन पदों पर भर्तियां भी अलग-अलग होती थीं।

बाद में इन तीनों पदों को जेल वार्डर के रूप में मर्ज कर दिया गया था। लेकिन कारापाल नियमावली में यह संशोधन नहीं किया गया जिसकी वजह से लोक सेवा आयोग में उप कारापाल पदों पर प्रमोशन में दिक्कत आ रही थी। नियमावली में संशोधन के बाद जेल वार्डर की उप कारापाल के पदों पर होने वाले प्रमोशन में आने वाली कठिनाई दूर हो जाएगी।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल होंगे 233 गांव

प्रदेश सरकार ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार का फैसला किया है। इसके तहत जिले के तीन नगर पंचायतों पीपीगंज, मुंडेरा बाजार व पिपराईच नगर पंचायतों के 233 गांवों को इस प्राधिकरण क्षेत्र की सीमा में शामिल किया गया है। आवास एवं नियोजन विभाग के प्रस्ताव को सरकार ने कैबिनेट बाई सुर्कलेशन मंजूरी दे दी है।

बता दें कि अक्तूबर-1975 में गोरखपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में कुल 180 गांव शामिल गए थे। लेकिन सितंबर-2019 में इस गोरखपुर विकास प्राधिकरण की सीमा के 17 राजस्व गांव औद्योगिक विकास प्राधिकरण गोरखपुर में चले गए थे। इसके बाद प्राधिकरण सीमा क्षेत्र में सिर्फ 63 गांव ही बच गए थे। इसके मदद्ेनजर ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण के बोर्ड ने आवास विभाग को प्राधिकरण का सीमा विस्तार किए जाने का अनुरोध किया था।

राज्य जैव ऊर्जा बोर्ड अब अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के हवाले
प्रदेश सरकार ने नियोजन विभाग के नियंत्रण में काम कर रहे राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड की जिम्मेदारी अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग को देने और बोर्ड का कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़ा काम कृषि विभाग को देने का फैसला किया है। प्रदेश कैबिनेट ने संबंधित प्रस्ताव को बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है।

 प्रदेश सरकार ने किसानों व जैव ऊर्जा सेक्टर के उद्यमियों की सहूलियत का हवाला देते हुए बोर्ड की गतिविधि को दो हिस्से में बांट दिया है। जैव ऊर्जा बोर्ड से जुड़ी गतिविधि अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग को सौंपने को तैयारी है।

बोर्ड के अध्यक्ष मुख्य सचिव व उपाध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त होंगे। सदस्य संयोजक अपर मुख्य सचिव अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत होंगे। कई विभागों के अधिकारी बतौर सदस्य शामिल होंगे। बोर्ड के कृषक उत्पादक संगठनों से जुड़े कार्य कृषि विभाग करेगा। एफपीओ नीति-2020 के अंतर्गत गठित स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट यह जिम्मेदारी संभालेगी।

मथुरा के पूर्व बीएसए की बर्खास्तगी टली

सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाडे़ के आरोपी मथुरा के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव सिंह को बर्खास्त नहीं किया जाएगा। उनको बर्खास्त करने के उप्र. लोक सेवा आयोग के निर्णय को योगी कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन से निरस्त कर दिया है। बर्खास्त क रने की जगह अब वेतन वृद्धि रोकने की सजा दी जाएगी।

2017-18 में मथुरा स्थित बेसिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त विद्यालयों में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति सामने आई थी। जांच में तत्कालीन बीएसए संजीव सिंह को दोषी माना गया। विभागीय जांच में उनको बर्खास्त करने की संस्तुति दी गई। विभाग ने कार्रवाई का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा। आयोग ने भी संजीव को बर्खास्त करने का निर्णय दिया।

संजीव ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी के समक्ष प्रत्यावेदन देकर स्वयं को निर्दोष बताते हुए बर्खास्तगी की सजा नहीं देने का आग्रह किया। द्विवेदी ने मामले को पुन: आयोग को भेजा। आयोग ने अपना निर्णय बरकरार रखा। उसके बाद संजीव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से विभाग को संजीव को प्रत्यावेदन पर विचार करने के निर्देश दिए। विभाग ने आयोग के निर्णय को बदलकर संजीव की सजा को कम करने का प्रस्ताव कैबिनेट में प्रस्तुत किया।

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