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टीईटी की अनिवार्यता: केंद्र पर दबाव बनाने के लिए यूपी में शिक्षकों का विरोध शुरू,अक्तूबर में दिल्ली करेंगे कूच

Wed, 10 Sep 2025 07:43 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 10 Sep 2025 07:43 PM IST
सार

TET in UP: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश भर से शिक्षकों द्वार पहले दिन ही 97890 पत्र प्रधानमंत्री के नाम भेजा गया।
 

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Compulsory TET: Teachers' protest begins in UP to put pressure on the Center, will march to Delhi in October
Supreme court on TET qualification - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद प्रदेश भर के शिक्षक चिंतित और डरे हुए हैं। अगर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मामले में हस्तछेप नहीं करते हैं तो उनके सामने बडी विकट स्थिति उत्तपन्न हो जाएगी।

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इसी क्रम में उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश भर से शिक्षकों द्वार पहले दिन ही 97890 पत्र प्रधानमंत्री के नाम भेजा गया। यह कार्यक्रम 20 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश भर के शिक्षक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 25 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग करेंगे।
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संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा की 55 साल का शिक्षक कैसे परीक्षा पास कर पायेगा। अब शिक्षक बच्चों को पढ़ाए या अब खुद पढ़े। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार के कानून और सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से प्रदेश के काफी शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहराया है। केंद्र सरकार व एनसीटीई चाहे तो शिक्षकों को राहत मिल सकती है। अगर इस समस्या का समाधान नहीं निकलता है तो अक्तूबर में देश भर के शिक्षक दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे।दूसरी ओर एक शिक्षक संगठन की ओर से प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर बुधवार को प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से पीएम को ज्ञापन दिया गया।
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संगठन के सुशील कुमार पांडेय ने मांग की कि आरटीई लागू होने से पहले के शिक्षकों को इससे मुक्त रखा जाए। आरटी ई एक्ट में संशोधन किया जाए। वहीं विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोशिएशन 11 से 25 सितम्बर के बीच पीएम और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप की अपील करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने हम पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देने के लिए अभियान चलाएंगे। प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि संगठन शिक्षकों के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा।

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