फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Complaint to the government: Deployment of CMO bypassing the rules, investigation against some and retirement of many

शासन से शिकायत : नियमों को दरकिनार कर सीएमओ की तैनाती, किसी के खिलाफ जांच तो कई का रिटायरमेंट

Fri, 15 Jul 2022 09:37 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 15 Jul 2022 09:37 AM IST
सार

नियमों के अनुसार जिन चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही हो, प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई हो, वेतनवृद्धि रोकी गई हो या दंडादेश पारित किया गया हो, उन्हें सीएमओ या सीएमएस नहीं बनाया जा सकता।

विज्ञापन
Complaint to the government: Deployment of CMO bypassing the rules, investigation against some and retirement of many
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

डॉक्टरों व इंजीनियरों के तबादलों में गड़बड़ी के बीच प्रदेश में मुख्य चिकित्साधिकारियों की तैनाती में भी बड़े पैमाने पर खेल की शिकायत की गई है। शासन को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि उन्हें भी सीएमओ बना दिया गया है जिनके खिलाफ जांच चल रही है या रिटायरमेंट में एक साल से भी कम वक्त बचा है। शासन से पूरे मामले की शिकायत की गई है।

विज्ञापन


शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सीएमओ की तैनाती में मनमानी की गई है। कई ऐसे लोगों को तैनात कर दिया गया है जिनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही चल रही है। कुछ ऐसे हैं जिनकी सेवानिवृत्ति सालभर से भी कम बची है। जिन जिलों की शिकायत की गई है उनमें हाथरस, बहराइच, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर समेत कई जिले हैं।
विज्ञापन


नियमों के अनुसार जिन चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही हो, प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई हो, वेतनवृद्धि रोकी गई हो या दंडादेश पारित किया गया हो, उन्हें सीएमओ या सीएमएस नहीं बनाया जा सकता। गबन व शासकीय क्षति के दोषी को भी 10 साल तक प्रशासनिक पद पर तैनाती के लिए उपयुक्त नहीं माना गया। जिनकी सेवानिवृत्ति एक साल के अंदर है अथवा पूर्व में प्रशासनिक पद पर तैनात न हों, उन्हें भी इस पद के योग्य नहीं माना गया है। शिकायत के संबंध में पक्ष जानने के लिए अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद को फोन किया गया और मैसेज भी भेजा गया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed