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रायबरेली कोच फैक्टरी में भ्रष्टाचार की सीबीआई से शिकायत, बड़े पैमाने कमीशनखोरी का आरोप
Mon, 21 Sep 2020 11:50 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 21 Sep 2020 11:50 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : ani
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रायबरेली स्थित माडर्न कोच फैक्टरी में करोड़ों की कमीशनखोरी की सीबीआई से शिकायत की गई है। आरोप है कि फैक्टरी में दो हजार कोच बनाने को लेकर हुए लगभग चार सौ करोड़ के व्यय में 15 से 20 फीसदी की कमीशनखोरी की गई। इस खेल में फैक्टरी में तैनात रेलवे के कई बड़े अफसरों की संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है।
जो शिकायत वायरल हुई है उसमें कई सेवानिवृत व कार्यरत वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के कमीशनखोरी में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है। कई ऐसे अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाए गये हैं जो विभिन्न कंपनियों के नाम से टेंडरों निर्णय करते हैं। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में हो रही कमीशनखोरी की शिकायत सीबीआई लखनऊ के एसपी एसके खरे को भेजी गई है। यह भी कहा जा रहा है कि सीबीआई को जो शिकायत भेजी गई है उसमें कमीशन खोरी के पूरे क्रम की जानकारी दी गई है।
शिकायत में प्रमुख रूप से निविदाओं के निस्तारण में रिश्वतखोरी का उल्लेख किया गया है। यह भी बताया कि डिब्बों के निर्माण में सुरक्षा खामियों के ऑडिट का जिम्मा राइट्स नाम की एक कंपनी के पास है, लेकिन रिश्वत लेने के बाद कुछ अधिकारी राइट्स से निरीक्षण कराए बिना ही बिलों का निस्तारण करा देते हैं। भ्रष्टाचार में शामिल कई वेंडरों को करोड़ों रुपये का भुगतान करा दिया गया।
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इस बीच कोच फैक्टरी के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है। यह भी कहा गया है कि कमीशनखोरी के लिए फैक्टरी में किए जाने वाले कार्यों को लेकर अलग अलग कंपनियों के जो भुगतान तैयार होते हैं कई बार उनको भी बिना कारण के रोका जाता है। हालांकि रेलवे के लिए कोच बनाए वाली इस फैक्टरी में कमीशनखोरी की शिकायत आने की सीबीआई मुख्यालय पर अभी तक कोई जानकारी नहीं आई है। सीबीआई के एसपी एसके खरे ने भी वायरल हुए इस शिकायती पत्र को लेकर कोई जानकारी होने से इनकार किया।
फैक्टरी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीके दुबे ने बताया कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है यदि उसे शिकायत मिलेगी तो वह जांच करेगी। फिलहाल ऐसी किसी शिकायत की जानकारी कारखाना प्रशासन को नहीं है। कमीशनखोरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कारखाने में विजिलेंस की टीम है जो ऐसी गतिविधियों में पैनी नजर रखती है।
तह तक जांच होनी चाहिए : एलएन पाठक
आरसीएफ मेंस एसोसिएशन के महामंत्री एनएन पाठक ने बताया कि आउटसोर्सिंग से काम कराना, ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। अधिकांश काम रेल कर्मचारियों से कराए जाएं तो कहीं कुछ नहीं होगा। भष्ट्राचार को लेकर उन्होंने कहा कि जहां आग होगी धुआं वहीं उठेगा। यदि कोई शिकायत है तो उसकी जांच होनी चाहिए और आमजनमानस तक सच्चाई पहुंचनी चाहिए।
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जो शिकायत वायरल हुई है उसमें कई सेवानिवृत व कार्यरत वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के कमीशनखोरी में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है। कई ऐसे अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाए गये हैं जो विभिन्न कंपनियों के नाम से टेंडरों निर्णय करते हैं। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में हो रही कमीशनखोरी की शिकायत सीबीआई लखनऊ के एसपी एसके खरे को भेजी गई है। यह भी कहा जा रहा है कि सीबीआई को जो शिकायत भेजी गई है उसमें कमीशन खोरी के पूरे क्रम की जानकारी दी गई है।
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शिकायत में प्रमुख रूप से निविदाओं के निस्तारण में रिश्वतखोरी का उल्लेख किया गया है। यह भी बताया कि डिब्बों के निर्माण में सुरक्षा खामियों के ऑडिट का जिम्मा राइट्स नाम की एक कंपनी के पास है, लेकिन रिश्वत लेने के बाद कुछ अधिकारी राइट्स से निरीक्षण कराए बिना ही बिलों का निस्तारण करा देते हैं। भ्रष्टाचार में शामिल कई वेंडरों को करोड़ों रुपये का भुगतान करा दिया गया।
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इस बीच कोच फैक्टरी के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है। यह भी कहा गया है कि कमीशनखोरी के लिए फैक्टरी में किए जाने वाले कार्यों को लेकर अलग अलग कंपनियों के जो भुगतान तैयार होते हैं कई बार उनको भी बिना कारण के रोका जाता है। हालांकि रेलवे के लिए कोच बनाए वाली इस फैक्टरी में कमीशनखोरी की शिकायत आने की सीबीआई मुख्यालय पर अभी तक कोई जानकारी नहीं आई है। सीबीआई के एसपी एसके खरे ने भी वायरल हुए इस शिकायती पत्र को लेकर कोई जानकारी होने से इनकार किया।
फैक्टरी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीके दुबे ने बताया कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है यदि उसे शिकायत मिलेगी तो वह जांच करेगी। फिलहाल ऐसी किसी शिकायत की जानकारी कारखाना प्रशासन को नहीं है। कमीशनखोरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कारखाने में विजिलेंस की टीम है जो ऐसी गतिविधियों में पैनी नजर रखती है।
तह तक जांच होनी चाहिए : एलएन पाठक
आरसीएफ मेंस एसोसिएशन के महामंत्री एनएन पाठक ने बताया कि आउटसोर्सिंग से काम कराना, ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। अधिकांश काम रेल कर्मचारियों से कराए जाएं तो कहीं कुछ नहीं होगा। भष्ट्राचार को लेकर उन्होंने कहा कि जहां आग होगी धुआं वहीं उठेगा। यदि कोई शिकायत है तो उसकी जांच होनी चाहिए और आमजनमानस तक सच्चाई पहुंचनी चाहिए।