{"_id":"5d38bd068ebc3e6ca06b6c6d","slug":"cocipiracy-in-checking-answer-sheet-lucknow-news-lko472625114","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यार्थियों का आरोप शिक्षक की बेटी को छोड़ बाकी को किया फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यार्थियों का आरोप शिक्षक की बेटी को छोड़ बाकी को किया फेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन को छोड़ बाकी फेल, बीयूएमएस में फेल छात्रों का आरोप, पास होने वालों में शिक्षक की बेटी व गैरहाजिर छात्र शामिल
लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त राजकीय यूनानी महाविद्यालय के बीयूएमएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि एनाटॉमी के प्रश्नपत्र में उत्तरपुस्तिका जांचने में भेदभाव किया गया है।
एक शिक्षक की पुत्री और इसी प्रश्नपत्र में अनुपस्थित एक अन्य छात्र समेत तीन को छोड़कर बाकी सभी छात्रों को फेल कर दिया गया है।
इसे लेकर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बुधवार को कुलपति प्रो. एसपी सिंह से मुलाकात की। कुलपति ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
राजकीय यूनानी महाविद्यालय के विद्यार्थियों का यह भी आरोप है कि, इस साल जिस छात्रा को एनाटॉमी के पेपर में 79 नंबर दिए गए हैं। इससे पहले वह इसी पेपर में फेल हो गई थी।
विद्यार्थियों के अनुसार, यूनानी का पेपर सिर्फ उर्दू में ही आता है। विद्यार्थी इसमें अंग्रेजी या फिर उर्दू में जवाब लिख सकते हैं। बाकी विषयों में सभी के अच्छे नंबर आए हैं।
विज्ञापन
लेकिन एनाटॉमी के पहले पेपर में सभी को फेल कर दिया गया है। उनके अनुसार, जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है और जो फेल हुए हैं, सभी की उत्तर पुस्तिका की जांच होनी चाहिए। मामला सामने आ जाएगा।
राजकीय कॉलेज में सिर्फ एक छात्र पास
विद्यार्थियों ने बताया कि राजकीय कॉलेज में एक ही विद्यार्थी पास हुआ है। इसके अलावा हयात कॉलेज की जिस छात्रा के 79 नंबर हैं, वह राजकीय कॉलेज के शिक्षक की ही बेटी हैं। एक अन्य छात्र को भी एनाटॉमी में पास किया गया है लेकिन उस छात्र ने तो इस प्रश्नपत्र की परीक्षा ही नहीं दी थी। वह उस दिन गैरहाजिर था।
अब दो भाषाओं में मिलेगा पेपर
कुलपति, लविवि, प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि बीयूएमएस विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परीक्षा नियंत्रक को यह भी निर्देश दिया गया है कि बीयूएमएस में उर्दू के साथ ही अब अंग्रेजी में भी पेपर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त राजकीय यूनानी महाविद्यालय के बीयूएमएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि एनाटॉमी के प्रश्नपत्र में उत्तरपुस्तिका जांचने में भेदभाव किया गया है।
एक शिक्षक की पुत्री और इसी प्रश्नपत्र में अनुपस्थित एक अन्य छात्र समेत तीन को छोड़कर बाकी सभी छात्रों को फेल कर दिया गया है।
इसे लेकर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बुधवार को कुलपति प्रो. एसपी सिंह से मुलाकात की। कुलपति ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
राजकीय यूनानी महाविद्यालय के विद्यार्थियों का यह भी आरोप है कि, इस साल जिस छात्रा को एनाटॉमी के पेपर में 79 नंबर दिए गए हैं। इससे पहले वह इसी पेपर में फेल हो गई थी।
विज्ञापन
विद्यार्थियों के अनुसार, यूनानी का पेपर सिर्फ उर्दू में ही आता है। विद्यार्थी इसमें अंग्रेजी या फिर उर्दू में जवाब लिख सकते हैं। बाकी विषयों में सभी के अच्छे नंबर आए हैं।
विज्ञापन
लेकिन एनाटॉमी के पहले पेपर में सभी को फेल कर दिया गया है। उनके अनुसार, जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है और जो फेल हुए हैं, सभी की उत्तर पुस्तिका की जांच होनी चाहिए। मामला सामने आ जाएगा।
राजकीय कॉलेज में सिर्फ एक छात्र पास
विद्यार्थियों ने बताया कि राजकीय कॉलेज में एक ही विद्यार्थी पास हुआ है। इसके अलावा हयात कॉलेज की जिस छात्रा के 79 नंबर हैं, वह राजकीय कॉलेज के शिक्षक की ही बेटी हैं। एक अन्य छात्र को भी एनाटॉमी में पास किया गया है लेकिन उस छात्र ने तो इस प्रश्नपत्र की परीक्षा ही नहीं दी थी। वह उस दिन गैरहाजिर था।
अब दो भाषाओं में मिलेगा पेपर
कुलपति, लविवि, प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि बीयूएमएस विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परीक्षा नियंत्रक को यह भी निर्देश दिया गया है कि बीयूएमएस में उर्दू के साथ ही अब अंग्रेजी में भी पेपर दिए जाएंगे।