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कैबिनेट का फैसला: आजम के फैसले को योगी सरकार ने पलटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 30 Oct 2018 08:04 PM IST
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सीएम योगी और आजम खां
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प्रदेश सरकार पूर्व नगर विकास मंत्री मो. आजम खां के एक और फैसले को पलटते हुए जल निगम के चेयरमैन के पद को लाभ का पद घोषित करने जा रही है। इस पद को आजम ने 2007 में गैर लाभ का पद मानते हुए निगम के प्रबंधकीय व्यवस्था पर उसके नियंत्रण को समाप्त कर दिया था।
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इस व्यवस्था को बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार ‘उप्र. जल संभरण तथा सीवर व्यवस्था (संशोधन) अध्यादेश-2018’ लाएगी। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जल निगम के चेयरमैन का पद लाभ का पद हो जाएगा और उसे निगम के प्रबंधकीय व्यवस्था को नियंत्रित करने का भी अधिकार होगा।
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दरअसल, सपा सरकार में आजम खां नगर विकास विभाग मंत्री तो थे ही, साथ ही चेयरमैन की कुर्सी भी उन्होंने अपने पास रखी थी। मंत्री पद पर रहते हुए नियमानुसार वे खुद इस पद पर नहीं रह सकते थे, इसलिए उन्होंने 2007 में कैबिनेट के जरिए चेयरमैन के पद को गैर लाभ का पद घोषित कराया था और प्रबंधकीय व्यवस्था पर नियंत्रण को भी खत्म कर दिया था। इससे जल निगम में प्रबंध निदेशक सर्वेसर्वा हो गया था। लेकिन योगी सरकार के इस फैसले से प्रबंधन में अब प्रबंध निदेशक के अलावा चेयरमैन भी जिम्मेदार होगा।
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