अयोध्या में समीक्षा के बाद सीएम योगी ने की लोगों से सतर्क रहकर जान बचाने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रामनगरी अयोध्या में जान है तो जहान है का संकल्प दिलाते नजर आए। बोले, महामारी का मजबूती से मुकाबला कर रही सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद लगातार दौरे कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रामनगरी अयोध्या में जान है तो जहान है का संकल्प दिलाते नजर आए। बोले, महामारी का मजबूती से मुकाबला कर रही सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है।
अयोध्या मंडल में कोरोना संक्रमण की समीक्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीराम एयरपोर्ट से सीधे विकास भवन स्थित कोविड-19 कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। यहां से जिले भर में ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की गतिविधियों को ऑनलाइन देखा। कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीएम अनुज कुमार झा से व्यवस्था में किसी भी तरह कमी न होने के सख्त निर्देश दिए। खासकर होम आइसोलेशन में भी जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन पहुंचाने को कहा। इसके बाद कलक्ट्रेट हाल में बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी और अंबेडकरनगर के आला अधिकारियों से वर्चुअल संवाद के जरिए हालात की समीक्षा की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन सबसे अमूल्य है, जान है तो जहान है को गुरु मंत्र बनाकर घर से बाहर न निकले तभी कोरोना की चेन टूटेगी।
पूरा देश वर्तमान में कोरोना महामारी में दूसरी लहर को फेस कर रहा है। पूरे देश में प्रधानमंत्री के निर्देशन में इस महामारी से प्रत्येक नागरिक को बचाने के लिए एक वृहद अभियान पिछले एक वर्ष से ही प्रारंभ हुआ है। उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण इस पूरे अभियान में बड़ी जिम्मेेदारी भी है। प्रदेश सरकार अपने हेल्थ वर्कस, चिकित्सा विशेषज्ञ, कोरोना वॉरियर्स, प्रशासनिक टीम, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कोरोना की पहली लहर में बेहतरीन प्रबंधन करके देश और दुनिया के सामने भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया था। दूसरी लहर ने अचानक प्रदेश के सामने एक चुनौती प्रस्तुत की। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 10 दिनों में प्रदेश के अंदर कोरोना के एक्टिव केस 81 हजार कम हुए हैं। दूसरी लहर में 30 अप्रैल को सर्वाधिक तीन लाख 10 हजार एक्टिव केस थे। आज सुबह के जो आंकड़े हैं, उनके अनुसार वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 2 लाख 25 हजार एक्टिव केस हैं। हर वर्ग के योगदान का यह परिणाम है। बताया कि पहली लहर में अधिकतम 67 हजार तक एक्टिव केस पहुंचे थे। एक दिन में सर्वाधिक सात हजार सात सौ केस आए थे। जबकि दूसरी लहर में 30 अप्रैल को पीक पर एक्टिव केस पहुंच गया था। 24 अप्रैल को एक दिन में सर्वाधिक 38 हजार 55 केस आए। आज यह संख्या घटकर 21 हजार पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान मंडल के अन्य जनपदों से वर्चुअली जुड़ा था। शासन की रणनीति के तहत हर एक जनपद अपने स्तर से प्रयास कर रहा है।
अयोध्या मंडल में 18 ऑक्सीजन प्लांट के सापेक्ष 6 स्थापित
पीएम केयर फंड, सीएम केयर फंड, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, सीएसआर व प्रदेश के गन्ना विभाग द्वारा हर जनपद में एक-एक प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। अयोध्या मंडल को एक अभियान के साथ लिया गया है इसके साथ-साथ प्रत्येक जनपद को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए हैं। हर एक जनपद को उसके आवश्यकतानुसार कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं और भी उपलब्ध कराने की कार्रवाई हो रही है।
यूपी ने निर्मूल साबित की विशेषज्ञों की आशंका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी को लेकर विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की थी कि 5 से 10 मई के भीतर प्रतिदिन एक लाख कोरोना पॉजिटिव आएंगे, लेकिन कोविड प्रबंधन ने उन सभी आशंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया है। पूरे एग्रेसिव कंपेन के साथ इस कार्यक्रम को प्रदेश में आगे बढ़ाया जा रहा है। पहली लहर में हम लोगों को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं पड़ी थी। प्रदेश के अंदर जो खपत थी वह तीन सौ मीट्रिक टन के आसपास थी, उसके अंदर काम चल जाता था। लेकिन दूसरी लहर ने हमारे सामने एक नई चुनौती प्रस्तुत की है।
ऑक्सीजन की अचानक मांग बढ़ गई है। अयोध्या में भी ऑक्सीजन भेजनी पड़ रही है। इसके लिए हम आभारी हैं, भारत सरकार के जिन्होंने ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराई। एक्सप्रेस चलवाई, एयरफोर्स के बड़े-बड़े जहाजों के माध्यम से टैंकर भेजे गए। प्रदेश के अंदर अब एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है।
कोरोना से निपटने में वैक्सीनेशन सुरक्षा कवच
हम अपने उन वैज्ञानिकों का अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने भारत सरकार की मदद से देश को दो स्वदेशी वैक्सीन दी। प्रदेश में 45 वर्ष से ऊपर के एक करोड 40 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। प्रदेश में 45 सौ केंद्रों पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। पहली मई से 18 साल के ऊपर के युवाओं को भी वैक्सीन देना प्रारंभ कर दिया गया है। पहले चरण में हमने सात जनपद लिए थे जहां सर्वाधिक एक्टिव केस थे। अब तक 18 जनपद 18 प्लस वैक्सीनेशन अभियान के साथ जोड़े गए हैं। कोरोना महामारी से बचने के लिए यह वैक्सीन एक सुरक्षा कवच है। तीसरे चरण में हम प्रदेश के सभी जनपदों को 18 प्लस वैक्सीनेशन के साथ जोड़ने की कार्रवाई करेंगे। वैक्सीन की बरबादी न हो इसलिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था कराई गई है। यह महामारी है, इसे हल्के में न लें, प्रदेश व केंद्र सरकार पूरा प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा जो भी नियम बनाए गए हैं, जो भी सुविधाएं दी गई हैं वह जनता को बचाने के लिए हैं। बीमारी को छुपाएं नहीं, बल्कि उसके तत्काल उपचार शुरू कर दें। हम सब इस कंपेन का हिस्सा बने।
पीएम के मंत्र को अपनाकर ही मिलेगी जीत
पहली लहर में ही पीएम ने कुछ मंत्र दिए थे कि टेस्ट और ट्रीट के अभियान को हमें अपनाना पड़ेगा। शत प्रतिशत टेस्टिंग के साथ ही उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना, होम आइसोलेशन में मेडिकल किट समय पर उपलब्ध कराना, जिनको ऑक्सीजन चाहिए उन्हें दिलाना, जिन्हें एल-टू, एल-थ्री के बेड चाहिए उपलब्ध कराना इसके लिए सरकार ने 75 प्रतिशत 108 एंबुलेंस केवल इसी कार्य के लिए लगाई हैं। कोविड मरीज का रिस्पांड टाइम कम करने के लिए हमने एंबुलेंस जोड़ी है। प्राइवेट एंबुलेंस अलग से कार्य कर रही है। सीएसआर से जितने जनपदों को एंबुलेंस उपलब्ध कराई है। 350 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी इसके साथ जोड़ी गई है। पूरे प्रदेश में लगभग दो हजार एंबुलेंस कोविड कार्य के साथ जोड़ी गई हैं।
गांव में जांच अभियान के आ रहे अच्छे परिणाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक आशंका और व्यक्त की जा रही थी कि पंचायत चुनाव के बाद गांवों में स्थिति विस्फोटक होगी। पंचायत चुनाव 29 मई को संपन्न हुआ। 02 और 03 मई केे मतगणना के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद हम लोगों ने 05 मई से एक अभियान प्रारंभ किया है। गांव-गांव में टीम भेजकर संदिग्ध व लक्षणयुक्त लोगों की जांच कराई जा रही है। इस अभियान के बहुत अच्छे परिणाम सामने आते दिखाई दे रहे हैं। यह अभियान एक सप्ताह तक प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांवों में चलाया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जो सामान्य टेस्टिंग होती थी वह नियमित रूप से चलती रहेगी।