मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश, कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर बरतें अतिरिक्त सतर्कता
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोविड-19 की 96.6 प्रतिशत रिकवरी दर पर संतोष जताया है। उन्होंने कोरोना से बचाव व उपचार की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने और वायरस के नए स्ट्रेन को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वे अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 की जांच पूरी क्षमता से की जाए। वायरस के नए स्ट्रेन की जांच के लिए जरूरी उपकरणों का प्राथमिकता पर प्रबंध किया जाए। उन्होंने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम को मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने वैक्सीनेशन के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए। कहा, वैक्सीन के सुरक्षित स्टोरेज, कोल्ड चेन तथा ट्रांसपोर्टेशन की कार्यवाही निर्धारित मानक के अनुरूप करें।
उन्होंने लोगों को कोविड-19 से बचाव के संबंध में जागरूक करने और ई-संजीवनी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने 10 जनवरी से शुरू हो रहे आरोग्य मेले की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
लखनऊ के बाद पूरे प्रदेश में टीकाकरण के ड्राई रन की तैयारियां शुरू
राजधानी लखनऊ में वैक्सीन के ड्राई रन के बाद अब पांच जनवरी को पूरे प्रदेश में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास (ड्राई रन) होगा। कोरोना टीकाकरण अभियान को फूल प्रूफ बनाने और खामियों का पता लगाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन-तीन केंद्रों पर टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। पहले चरण में प्रदेश में लगभग नौ लाख स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण की तैयारी है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया टीकाकरण की तैयारियों के ड्राई रन में कर्मचारियों की कार्यक्षमता, टीकाकरण केंद्र की व्यवस्था, मरीज के पंजीकरण, टीका लगाने के तरीके आदि का आंकलन किया जा रहा है। पांच जनवरी को पूरे प्रदेश में एक साथ ड्राई रन होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एक अधिकारी ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों टीकाकरण की तैयारियों की समीक्षा होगी। यदि कहीं कोई कमी दिखी तो उसे समय पर सुधार लिया जाएगा।
पहले चरण में लगभग नौ लाख स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा। इसमें राज्य सरकार, संविदा, ठेका कर्मचारियों के साथ ही केंद्र सरकार के स्वास्थ्य कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा। इसमें आयुष स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। कोविड अस्पताल के रूप में पंजीकृत निजी अस्पतालों के स्टाफ भी पहले चरण के टीकाकरण में शामिल होंगे। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर, तीसरे चरण में 50 साल से ऊपर के लोगों और चौथे चरण में 50 साल से कम के ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन या अन्य कोई बीमारी है, उनका टीकाकरण किया जाएगा।