अखिलेश ने खोला राज, मायावती को क्यों है बुआ कहलाने में ऐतराज
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सीएम अखिलेश यादव ने लोकभवन में सूचना विभाग की चार पुस्तकों के लोकार्पण समारोह के दौरान मायावती का नाम लिए बिना कहा, हम उन्हें बुआ जी कहते थे।
उन्हें लगा, लोग समझेंगे कि सीएम अच्छा है, उन्हें बुआ बोलता है। कहीं उनका वोट हमारी तरफ न खिसक जाए इसलिए बुआ बोलने से मना कर दिया।
अखिलेश ने कहा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनाया तो जिलों को फोर लेन सड़कों से जोड़ा। काम में हमारा कोई मुकाबला नहीं कर सकता। विरोधी कुछ भी कहें, आगरा एक्सप्रेस-वे का वीडियो आया है। 120 की स्पीड पर भी कार में रखा पानी का गिलास सिर्फ हिला, छलका नहीं।
हमने मेट्रो का काम कराया तो साइकिल भी सस्ती की। लखनऊ में साइकिल ट्रैक बना। इटावा से लॉयन सफारी तक दुनिया का सबसे बड़ा साइकिल हाईवे नवंबर से प्रारंभ हो जाएगा। मुसलमानों को सरकारी योजनाओं में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जा रही है।
नारे लगा रहे युवाओं से ली चुटकी
अखिलेश ने नारा लगा रहे युवाओं से चुटकी ली। कहा, तैयारी करके नहीं आए इसलिए नए-नए नारे लगा रहे हो। एक साथी ने जब ‘अखिलेश भैया कोहिनूर’ का नारा लगाया तो सीएम ने कहा, कोहिनूर इतिहास में पता नहीं किस म्यूजियम में होगा।
किसी ने उन्हें विकास का पहिया बताया तो कोई आगे बढ़ने की बात कह रहा है। सीएम ने भाजपा का नाम लिए बिना कहा, एक पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं है।
अच्छे दिन के बहाने सत्ता में आ गए लेकिन यूपी के लिए क्या किया? मैं प्रधानमंत्री कार्यालय गया था, हमें बधाई मिली। यूपी में जनधन योजना में सर्वाधिक खाते खुले हैं। वैसे सबसे ज्यादा खाते समाजवादी पेंशन योजना के कारण खुले।