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घर बैठे डायल करें 1076, सीएम हेल्पलाइन तत्काल देगी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:39 AM IST
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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर घर बैठे आपकी शिकायत और समस्या का समाधान होगा। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने इसके लिए राजधानी में कॉल सेंटर स्थापित किया है। यहां हर शिफ्ट में 500 कर्मचारी रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे।
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सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजीव सरन ने मंगलवार को योजना भवन में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन व पुलिस सहित सभी विभागों, निकायों, बोर्ड, निगम और आयोगों से जुड़ी समस्याओं के लिए सीएम हेल्पलाइन तैयार की गई है।
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इसमें टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर जनता अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकेगी। दर्ज करते ही शिकायत संबंधित विभाग को ऑनलाइन भेज दी जाएगी और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को मोबाइल संदेश के जरिये उसके समाधान के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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शिकायतकर्ता की संतुष्टि होगी प्राथमिकता
समाधान हो जाने पर अधिकारी या कर्मचारी को पुन: कॉल सेंटर पर जानकारी देनी होगी। इसके बाद शिकायतकर्ता को फोन कर सत्यापन किया जाएगा कि समाधान हुआ या नहीं।
यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होगा तो विभाग के उच्च अधिकारी को बताया जाएगा। यदि किसी वजह से समाधान नहीं हो सकता है तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए शिकायतकर्ता को जानकारी दी जाएगी।
कोर्ट में विचारधीन प्रकरण और तबादले की शिकायत यहां दर्ज नहीं होगी। सरन ने बताया कि प्रतिदिन तीन शिफ्ट में संचालित होने वाला यह कॉल सेंटर गोमतीनगर में बना है। शिकायतें सुनने के लिए एक शिफ्ट में 500 कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इस काम के लिए 1300 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होगा तो विभाग के उच्च अधिकारी को बताया जाएगा। यदि किसी वजह से समाधान नहीं हो सकता है तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए शिकायतकर्ता को जानकारी दी जाएगी।
कोर्ट में विचारधीन प्रकरण और तबादले की शिकायत यहां दर्ज नहीं होगी। सरन ने बताया कि प्रतिदिन तीन शिफ्ट में संचालित होने वाला यह कॉल सेंटर गोमतीनगर में बना है। शिकायतें सुनने के लिए एक शिफ्ट में 500 कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इस काम के लिए 1300 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
राजधानी को बनाएंगे आईटी हब
संजीव सरन ने कहा, सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश पर बड़ी रियायत व सुविधाएं देकर प्रदेश के साथ ही राजधानी लखनऊ को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रयास शुरू किया है। प्रदेश में दो हजार स्टार्ट अप्स शुरू हुए हैं।
राजधानी में एचसीएल ने आईटी सिटी स्थापित की है। 100 एकड़ में बन रहे आईटी सिटी में अभी 2500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। पूरी तरह बन जाने पर इसमें 75,000 कर्मचारी काम करेंगे। राजधानी में सबसे बड़ा इंक्यूबेटर हब बनेगा। इसके लिए एयरपोर्ट के पास 40 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। सरकार स्टार्ट अप के लिए एक हजार करोड़ का फंड देगी।
सात जिलों में बनेंगे एसटीपीआई
उन्होंने बताया कि मेरठ, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और बरेली में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) बनाने की शुरुआत की गई है। मेरठ, आगरा और गोरखपुर में काम शुरू हो गया है जबकि लखनऊ, कानपुर और बरेली में जमीन मिल गई है। एसटीपीआई से प्रदेश के 614 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रति वर्ष निकलने वाले युवाओं को रोजगार मिलेगा।
हजारों करोड़ का निवेश आएगा
सरन ने बताया कि प्रदेश में सैमसंग, एलजी, पेनासोनिक, लावा, ओपो, विवो, कार्बन, जीओनी और इनफोकस कंपनियों के मोबाइल ग्रेटर नोएडा और नोएडा में बन रहे हैं। बीते तीन वर्षों में देश में 107 नई इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कंपनियां आई हैं इनमें से 47 यूपी में आई हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस- वे को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन घोषित करने से प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आएगा। डिक्सन कंपनी ने पांच सौ करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
राजधानी में एचसीएल ने आईटी सिटी स्थापित की है। 100 एकड़ में बन रहे आईटी सिटी में अभी 2500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। पूरी तरह बन जाने पर इसमें 75,000 कर्मचारी काम करेंगे। राजधानी में सबसे बड़ा इंक्यूबेटर हब बनेगा। इसके लिए एयरपोर्ट के पास 40 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। सरकार स्टार्ट अप के लिए एक हजार करोड़ का फंड देगी।
सात जिलों में बनेंगे एसटीपीआई
उन्होंने बताया कि मेरठ, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और बरेली में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) बनाने की शुरुआत की गई है। मेरठ, आगरा और गोरखपुर में काम शुरू हो गया है जबकि लखनऊ, कानपुर और बरेली में जमीन मिल गई है। एसटीपीआई से प्रदेश के 614 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रति वर्ष निकलने वाले युवाओं को रोजगार मिलेगा।
हजारों करोड़ का निवेश आएगा
सरन ने बताया कि प्रदेश में सैमसंग, एलजी, पेनासोनिक, लावा, ओपो, विवो, कार्बन, जीओनी और इनफोकस कंपनियों के मोबाइल ग्रेटर नोएडा और नोएडा में बन रहे हैं। बीते तीन वर्षों में देश में 107 नई इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कंपनियां आई हैं इनमें से 47 यूपी में आई हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस- वे को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन घोषित करने से प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश आएगा। डिक्सन कंपनी ने पांच सौ करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।