सीएम अखिलेश बोले, 'राजनीति बहुत कठिन, मैं भाग्य से बना मुख्यमंत्री'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति करना बहुत मुश्किल है। कभी-कभी भाग्य से मौके मिल जाते हैं। हमें भी नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने मौका दिया है, इसे भाग्य ही कहा जाएगा।
उन्होंने वरिष्ठ विधायकों को इंस्टीट्यूट की तरह बताया। कहा कि आजम खां, रामगोविंद चौधरी और श्यामदेव राय चौधरी जैसे लोगों के अनुभवों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।
विधानसभा में बुधवार को वरिष्ठ विधायकों के सम्मान के मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि हम पहली बार सदन में आए, नेताजी के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल गया। जब हम लोकसभा सदस्य थे, तब राजनीति को आसान समझते थे, लेकिन यह बहुत मुश्किल काम है।
हमें भाग्य से अवसर मिल गया लेकिन बहुत से सदस्यों ने न जाने कितना परिश्रम किया है। उन्होंने पहले टिकट पाने के लिए, फिर जीतने के लिए, जीत गए तो अगले चुनाव में फिर टिकट के लिए कठिन सफर तय किया है। जो विधायक 25 साल से ज्यादा समय से चुनकर आ रहे हैं, उन्होंने जनता का दिल जीता है।
चाहते हैं इसी तरह 25 साल साथ गुजारें
अखिलेश ने कहा, हम चाहते हैं कि 25 साल हम सदन में इसी तरह साथ गुजारें। पक्ष-विपक्ष की तरफ इशारा करते हुए बोले, सभी अपने-अपने पाले में रहें। हालांकि बहुत सारी चीजों पर बस नहीं होता है। कभी-कभी परिवर्तन अच्छे के लिए होता है।
सदन से निकलेगा खुशहाली का रास्ता
सीएम ने कहा कि आज भी कई पुराने सवाल सामने खड़े हैं। सदन में बहस, नियम और नीतियों से रास्ता निकालना होगा। हमारा देश और प्रदेश बड़ा है। इस विधानसभा की देश भर में गरिमा है।
माता प्रसाद पांडेय जैसे अध्यक्ष के रहते बहुत कुछ सीखने को मिला है। लोकतंत्र में बहुत बदलाव आए हैं, देश में खुशहाली का रास्ता भी यहीं से निकलेगा।
25 साल की सेवा पूरी करने वाले 10 विधायकों का सम्मान
तमाम मुद्दों पर बहस में आरोप-प्रत्यारोप व नारों से गूंजने वाली विधानसभा बुधवार को भावुक क्षणों की साक्षी बनी। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय और भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी की आंखें डबडबा गईं।
कुछ और वरिष्ठ सदस्य भी भावुक हो गए। मौका था 25 साल की सेवा पूरी कर चुके विधायकों के सम्मान का। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें स्मृति चिह्न व शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
जिन विधायकों का सम्मान हुआ है उनमें विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय व संसदीय कार्यमंत्री आजम खां समेत पक्ष-विपक्ष के 10 सदस्य हैं। इनमें भाजपा विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना, मंत्री अवधेश प्रसाद, मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, नरेंद्र सिंह यादव, राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह, मंत्री रामगोविंद चौधरी, श्यामदेव राय चौधरी और श्याम सुंदर शर्मा शामिल थे।
दिल खोलकर नहीं दिखा सकता, सभी से इंसानी रिश्ता: आजम
कहा कि न की हुई और की हुई गलतियों के लिए माफ करना। दिल खोलकर नहीं दिखा सकता लेकिन हम सभी से इंसानी रिश्ता रखते हैं। कहा, विधानसभा अध्यक्ष नेताजी के लिए भावकु हुए हैं, यह स्वाभाविक है। नेताजी हम सभी से बेपनाह मोहब्बत करते हैं। कभी-कभी वह गुस्सा करते हैं तो वाजिब ही है।
जो कुछ हूं नेताजी की बदौलत: पांडेय
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय का सम्मान सबसे पहले हुआ। वह 1980 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1985, 1989, 2002, 2007 और 2012 में विधायक चुने गए गए।
चौदहवीं विधानसभा में भी वह विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं। वह बोलने के लिए खड़े हुए तो उनकी आंखें डबडबा गईं। कहा कि वह जो कुछ भी है, नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की वजह से हैं। उन्हें क्षेत्र की जनता का भी आभार जताया।
कोई भूल हो माफ करना: खन्ना
सातवीं बार विधानसभा सदस्य सुरेश खन्ना ने कहा कि हम सर्वधर्म समभाव और सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। शाहजहांपुर के लोगों ने हमें सातवीं बार विधानसभा में भेजा, उनका बहुत-बहुत धन्यवाद, आभार। कहा कि यदि इस दौरान कोई भूल, चूक हुई तो माफी चाहता हूं।
मुलायम सिंह ने दी काम करने की छूट: प्रसाद
फैजाबाद जिले की सोहावल और मिल्कीपुर सीट से आठवीं बार विधायक व मंत्री अवधेश प्रसाद ने कहा कि शुरुआती दौर से वह नेताजी के साथ रहे हैं। आठवीं बार के विधायक अवधेश ने कहा कि पहली बार मुलायम सिंह कैबिनेट मंत्री बने तो मैं राज्यमंत्री था। उन्होंने काम करने की पूरी आजादी दी। उन्होंने बार-जिताने के लिए क्षेत्र की जनता को नमन किया।
जब तक जिंदा हूं, नेताजी के विचारों के साथ: दुर्गा
पहली 1985 में विधायक चुने गए दुर्गा प्रसाद यादव लगातार विधानसभा में आते रहे हैं। इसके लिए वह अपने क्षेत्र और आजमगढ़ जिले के लोगों का आभार जताते हैं। कहते हैं कि वह नेताजी के कारण इस सम्मान के मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, जब तक इस धरती पर रहूंगा, नेताजी के विचारों के लिए काम करता रहूंगा।
सम्मान नेताजी की वजह से: नरेन्द्र
पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह यादव 1985 में पहली बार चुनाव जीते थे। वह 6 बार विधासभा सदस्य चुने जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी के आदर्शों को लेकर राजनीति कर रहे हैं। मेरा सम्मान उन्हीं की वजह से हो रहा है। फर्रूखाबाद के लोगों मे हमेशा मोहब्बत की है। परिसीमन के बाद मेरा क्षेत्र अमृतपुर हो गया है।
दरियाबाद के लोगों को हाथ जोड़कर नमन: राजीव
पहली बार 1985 में निर्दलीय विधायक बने राजीव कुमार सिंह राज्यमंत्री हैं। वह वह छठी बार विधायक चुने गए हैं। कहा, विधानसभा में सम्मान होना अविस्मरणीय क्षण हैं। दरियाबाद केलोगों को हाथ जोड़कर नमन, यह उन्हीं का सम्मान है। उन्होंने कहा, लगता था, राजनीति हमारे जैसे लोगों के लिए नहीं रही लेकिन 2007 में नेताजी ने सहारा दिया। नए विधायक हम लोगों का रिकार्ड तोड़े तो खुशी होगी।
व्यवस्था परिवर्तन के लिए लड़ाई: रामगोविंद
पहली बार 1977 में विधायक चुने गए रामगोविंद चौधरी सातवीं बार सदन में आए हैं। उन्होंने कहा कि जिस दौर में हमने राजनीति शुरू की थी तब जो समस्याएं थी, वे अभी भी ज्यों की त्यों हैं।
मैं चाहूंगा कि जयप्रकाश नारायण की तरह कोई नेता व्यवस्था परिवर्तन के लिए, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़े। हम जैसे कार्यकर्ता उनका साथ देंगे। उन्होंने चन्द्रशेखर से लेकर मुलायम सिंह और अखिलेश यादव तक के साथ का उल्लेख किया।
सम्मान की हकदार काशी की जनता: चौधरी
1989 से लगातार सातवीं बार विधायक चुने गए श्यामदेव राय चौधरी (दादा) ने कहा कि मेरे सम्मान की असली हकदार काशी की जनता है। रुंधे गले से उन्होंने अपने सम्मान को बाबा विश्वनाथ, माता अन्नपूर्णा, मां गंगा और काशी के लोगों को समर्पित किया।
कहा, मेरा न चेहरा है न मोहरा, बस अटूट विश्वास, ईमानदारी और समर्पण के कारण आगे बढ़ता गया। इसी के कारण भगवान और जनता का आशीर्वाद मिला। उन्होंने कांशी में 24 घंटे बिजली के लिए अनशन तुड़वाने और मांगे मानने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रशंसा की।
बृजवासियों को समर्पित है सम्मान: शर्मा
मांट (मथुरा) के विधायक श्याम सुंदर शर्मा 1989 से हर विधानसभा में सदन में रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से चुटकी लेते हुए कहा कि चार साल तक उन्होंने अपने लोगों को अमृत बांटा लेकिन आज कोई भेदभाव नहीं किया।
उन्होंने अपने सम्मान को बृज के लोगों को समर्पित करते हुआ कहा कि उन्हीं की वजह मैं बिना दल के भी वैतरणी पार करता रहा हूं। जातिवादी, धर्मवादी, क्षेत्रवादी ताकतों के खिलाफ लड़ाई में जीत मिली है।