कानून-व्यवस्था पर अफसरों पर बरसे सीएम
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रमुख सचिव गृह नीरज गुप्ता व डीजीपी एएल बनर्जी को सुबह ही अपने कार्यालय तलब कर सूबे की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
सीएम ने इस दौरान सहारनपुर दंगे से लेकर मथुरा में हुए दुराचार कांड, कानपुर में व्यवसायी की पत्नी की हत्या व कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़े अन्य मामलों पर जानकारी ली।
सांप्रदायिक संघर्ष रोकने के दिए निर्देश
कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर आने के साथ ही मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ दिनों से पुलिस व गृह विभाग के अधिकारियों को पेंच कसने शुरू कर दिए हैं।
बैठक में सीएम ने कानपुर व मथुरा में हुई कार्रवाई पर संतोष जताया तो कुछ मामलों में की गई कार्रवाई पर असंतोष भी जताया।
कहा कि अफसर यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में सांप्रदायिक संघर्ष की स्थिति न पैदा हो।
पुलिस की किरकिरी से नाराज
सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीएम ने मोहनलालगंज कांड का हवाला देते हुए यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई से सरकार की किरकिरी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निरोधात्मक कार्रवाई, गुंडा एक्ट व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अन्य अभियानों की स्थिति की जानकारी हासिल की।
उन्होंने महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिसकर्मियों को और अधिक चौकस व संवेदनशील रहने की ताकीद की।