फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   clean water to be available on low prices.

‘ओ-नीर’ तकनीक से देश को दो पैसे प्रति लीटर मिलेगा शुद्ध पानी

Fri, 19 Oct 2018 12:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 19 Oct 2018 12:10 PM IST
विज्ञापन
clean water to be available on low prices.

देश के लोगों को शुद्ध पेयजल केवल दो पैसा प्रति लीटर के खर्च पर मिल सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार खुद भी प्रयास करेगी। यह काम लखनऊ के वैज्ञानिकों की विकसित तकनीक ‘ओ-नीर’ से संभव हो सकेगा। इस काम को केंद्र सरकार निजी कंपनियों के अलावा अपने पास मौजूद संसाधनों से भी करेगी।

विज्ञापन


लखनऊ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के वैज्ञानिकों की विकसित सस्ती जल कीटाणु शोधन प्रणाली ओ-नीर का उपयोग व्यापक रूप से ग्रामीण व अर्ध विकसित शहरी इलाकों में कराया जाएगा।
विज्ञापन


केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार शाम नई दिल्ली में निजी कंपनी को तकनीक ट्रांसफर के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आईआईटीआर के वैज्ञानिकों ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम में इस तकनीक का विकास किया है। इसे निजी कंपनी ब्लूबर्ड वाटर प्यूरिफायर, नई दिल्ली को ट्रांसफर किया गया है, जिससे कम कीमत वाले माध्यम पानी को शुद्ध करने के लिए लोगों के पास उपलब्ध हों।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि मृत्युदर अधिक होने और रोगों के बढ़ने का बड़ा कारण लोगों को शुद्ध पेयजल न मिल पाना है। ‘ओ नीर’ जैसी तकनीक से सुरक्षित और शुद्ध पानी दो पैसे प्रति लीटर में बिना रखरखाव खर्च के मिलेगा। इससे मेक इन इंडिया मिशन में इसे बनाने का उद्देश्य पूरा होगा।

बहुत उपयोगी तकनीक, सभी मानकों पर खरा

आईआईटीआर के निदेशक डॉ. आलोक धवन का कहना है कि यह तकनीक पानी में संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया, कवक, प्रोटोजोआ और सिस्ट को खत्म करती है। वहीं सभी अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय मानकों को भी इसमें पूरा किया गया है। आम प्यूरीफायर की तरह इसमें झिल्ली बदलने की जरूरत भी नहीं है।

ग्रामीण आबादी पी रही अशुद्ध पानी
काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के नवागत महानिदेशक डॉ. शेखर सी मंडे का कहना है कि वर्तमान में ग्रामीण समुदाय का एक बड़ा हिस्सा अब भी अशुद्ध पानी पी रहा है। यह पानी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानकों को भी पूरा नहीं करता है। स्वास्थ्य के लिये सुरक्षित पेयजल की पहुंच लोगों तक बहुत जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed