लखनऊ की दमघोंटू हवा ने लाल निशान किया पार, 422 पहुंचा एक्यूआई, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर
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लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते एक सप्ताह से ‘बहुत खराब’ बनी राजधानी लखनऊ की दमघोंटू हवा अब लाल निशान पार कर ‘खतरनाक’ हो चुकी है। शासन-प्रशासन के उपायों के बाद भी बीते 24 घंटे में हवा में सूक्ष्म कण पीएम 2.5 की मौजूदगी 40 अंक तक बढ़ी है। शनिवार को लखनऊ का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 422 दर्ज हुआ।
जबकि शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 382 था। शनिवार को तालकटोरा में एक्यूआई 455, लालबाग में 446 और अलीगंज में 407 के खतरनाक स्तर पर गहरा लाल रिकॉर्ड हुआ। गोमतीनगर में हवा 374 एक्यूआई के साथ अति खराब रही। खतरनाक स्तर तक पहुंच गई हवा में आम शहरवासियों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
सेहत पर हो सकता है बुरा असर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी की हवा तेजी से बिगड़कर जहरीली हो रही है। बुधवार को 326 रहा एक्यूआई 24 घंटे में ही 372, 48 घंटे बाद 382 और 72 घंटे में 422 पहुंच गया।
सेहत खराब कर सकती है ऐसी हवा
पर्यावरण वैज्ञानिकों का कहना है कि राजधानी की हवा लंबे समय तक ‘खतरनाक’ बनी रही तो लोगों की सेहत खराब कर सकती है। इसके कारण सांस लेने में तकलीफ के साथ त्वचा व आंख संबंधी रोग हो सकते हैं। इससे बचने के लिए लोग जरूरत पड़ने पर मास्क पहनकर घर से निकलें।
इन इलाकों की हवा सबसे जहरीली
खतरनाक हुई हवा
क्षेत्र -- एक्यूआई
तालकटोरा -- 455
अलीगंज -- 408
लालबाग -- 446
गोमतीनगर -- 374
ऐसे बढ़ा वायु प्रदूषण
ऐसे बढ़ा वायु प्रदूषण
तारीख -- एक्यूआई
27 अक्तूबर -- 186 पीला
28 अक्तूबर -- 305 लाल
29 अक्तूबर -- 314 लाल
30 अक्तूबर -- 326 लाल
31 अक्तूबर -- 372 लाल
1 नवंबर -- 382 लाल
2 नवंबर -- 422 गहरा लाल
जानिए हवा की सेहत
जानें कैसी हवा की सेहत
एक्यूआई -- रंग -- गुणवत्ता
50 से कम -- गहरा हरा -- अच्छी
51 से 100 -- हरा -- संतोषजनक
101 से 200 -- पीला -- सुधरी हुई
201 से 300 -- गहरा पीला -- खराब
301 से 400 -- लाल -- बहुत खराब
401 से अधिक -- गहरा लाल -- खतरनाक