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UP: ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित होंगे प्रदेश के शहर, वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को पाने की कवायद
Sat, 13 Aug 2022 08:52 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 13 Aug 2022 08:52 AM IST
सार
कुछ दिन पहले ही नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के सामने शहरों के विकास को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया था। इसमें शहरों के विकास का खाका तैयार करने का सुझाव दिया था। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए पीएम गतिशक्ति मॉडल का प्रयोग कर शहरों के विकास का निर्देश दिया था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकार के मिशन वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को पाने के लिए प्रदेश के शहरों को भी ‘ग्रोथ सेंटर’ केतौर पर विकसित करने का फैसला किया गया है। इसके लिए शहरों में स्टार्टअप निवेश को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन की दिशा में भी काम किया जाएगा। नए शहरों का विकास और राजमार्गों का नेटवर्क भी ठीक किया जाएगा। इससे मूलभूत सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी।
दरअसल, कुछ दिन पहले ही नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के सामने शहरों के विकास को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया था। इसमें शहरों के विकास का खाका तैयार करने का सुझाव दिया था। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए पीएम गतिशक्ति मॉडल का प्रयोग कर शहरों के विकास का निर्देश दिया था।
इसी कड़ी में अब नगर विकास विभाग ने नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन की संस्तुति पर राज्य डाटा सोसाइटी बनाई जा रही है। नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 16 नगर निगमों में जीआईएस सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है, जिससे गृहकर में दोगुनी वृद्धि चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक संभावित है।
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नागरिकों से वसूले जाने वाले यूजर चार्ज को भी युक्तिसंगत बनाने का काम शुरू किया गया है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ नगर निगम ने 200 करोड़ और गाजियाबाद नगर निगम ने 150 करोड़ के म्युनिसिपल बांड से मिली राशि से दोनों नगर निगमों ने आवासीय कांप्लेक्स और एसटीपी निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
इसी तर्ज पर जल्द ही अन्य नगर निकाय वाले शहरों के विकास के लिए भी म्यूनिसिपल बांड जारी करने का भी फैसला किया गया है। छोटे निकायों में भी रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन का गठन किया जाएगा।
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दरअसल, कुछ दिन पहले ही नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के सामने शहरों के विकास को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया था। इसमें शहरों के विकास का खाका तैयार करने का सुझाव दिया था। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए पीएम गतिशक्ति मॉडल का प्रयोग कर शहरों के विकास का निर्देश दिया था।
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इसी कड़ी में अब नगर विकास विभाग ने नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन की संस्तुति पर राज्य डाटा सोसाइटी बनाई जा रही है। नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 16 नगर निगमों में जीआईएस सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है, जिससे गृहकर में दोगुनी वृद्धि चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक संभावित है।
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नागरिकों से वसूले जाने वाले यूजर चार्ज को भी युक्तिसंगत बनाने का काम शुरू किया गया है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ नगर निगम ने 200 करोड़ और गाजियाबाद नगर निगम ने 150 करोड़ के म्युनिसिपल बांड से मिली राशि से दोनों नगर निगमों ने आवासीय कांप्लेक्स और एसटीपी निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
इसी तर्ज पर जल्द ही अन्य नगर निकाय वाले शहरों के विकास के लिए भी म्यूनिसिपल बांड जारी करने का भी फैसला किया गया है। छोटे निकायों में भी रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन का गठन किया जाएगा।