{"_id":"5c9bd344bdec2213e80702c3","slug":"chinese-thread-stoping-metro","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा चाइनीज मांझे से मेट्रो पर ब्रेक, पतंगबाजों को अपंग बना सकती है बिजली की लाइनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा चाइनीज मांझे से मेट्रो पर ब्रेक, पतंगबाजों को अपंग बना सकती है बिजली की लाइनें
Thu, 28 Mar 2019 01:17 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Thu, 28 Mar 2019 01:17 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चाइनीज मांझे से एक बार फिर मेट्रो के संचालन पर ब्रेक लगा। भूतनाथ और इंदिरा नगर स्टेशन के बीच ओएचई के तारों में मांझा उलझ गया। इसके कारण शॉट सर्किट से बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो गई। इस दौरान मेट्रो का संचालन काफी देर तक प्रभावित रहा।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) ने अज्ञात पतंगबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए चेतावनी जारी की है। मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी ने बताया कि मंगलवार को फिर चाइनीज मांझे से मेट्रो का संचालन प्रभावित हुआ।
जबकि एलएमआरसी रोजाना रात के समय सफाई कर ओएचई में फंसे मांझे को हटाने का काम करा रहा है। जारी चेतावनी में कहा गया है कि इसमें कहा गया कि धातु मिलाकर बनाए गए चाइनजी मांझे के जरिए 25 केवी की लाइन पतंगबाजों को भी जिंदगी भर के लिए अपंग बना सकती है।
विज्ञापन
ऐसे में मेट्रो लाइन के ऊपर पतंग न उड़ाएं। एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि एलएमआरसी की तहरीर पर अज्ञात पतंगबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।
बार-बार मांझे के चलते रुक रहीं ट्रेनें
शुक्रवार को भी कृष्णानगर और सिंगार नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच ट्रेनें खड़ी हो गई थीं। इसके बाद केडी सिंह बाबू स्टेडियम तथा विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशनों के बीच ऐसी ही घटना सामने आई है। चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी अब पुलिस की मदद से अभियान मेट्रो लाइन के आसपास के इलाकों में चलाया जाएगा।
अलर्ट : जानलेवा हो सकता 25 केवी का झटका
मेट्रो ने चेतावनी जारी की है कि ओएचई में 25 केवी की लाइन प्रवाहित होती है। 24 घंटे लाइनों में यह करंट रहता है। इस 25 केवी के करंट के झटके से पलक झपकते ही शरीर को जानलेवा नुकसान हो सकता है। इसके संपर्क में आने से अपंग भी हो सकते हैं।
क्यों नुकसान कर रहा चाइनीज मांझा?
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज मांझे को बनाने के समय धातु के बुरादे का उपयोग किया जाता है। इससे धातु के गुण मांझे में आ जाते हैं जोकि विद्युत प्रवाह का माध्यम बन जाता है। ऐसे मांझे मेट्रो की ओएचई में फंसकर जहां विद्युत आपूर्ति को ट्रिप कर देते हैं। यह मांझा ओएचई के समांतर चलने वाले कैटनरी तारों को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे मेट्रो सेवा प्रभावित होती है। वहीं ओएचई में दौड़ रहे 25केवी की लाइन के संपर्क में आने पर मांझे के दूसरे छोर पर मौजूद पतंग उड़ाने वालों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) ने अज्ञात पतंगबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए चेतावनी जारी की है। मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी ने बताया कि मंगलवार को फिर चाइनीज मांझे से मेट्रो का संचालन प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
जबकि एलएमआरसी रोजाना रात के समय सफाई कर ओएचई में फंसे मांझे को हटाने का काम करा रहा है। जारी चेतावनी में कहा गया है कि इसमें कहा गया कि धातु मिलाकर बनाए गए चाइनजी मांझे के जरिए 25 केवी की लाइन पतंगबाजों को भी जिंदगी भर के लिए अपंग बना सकती है।
विज्ञापन
ऐसे में मेट्रो लाइन के ऊपर पतंग न उड़ाएं। एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि एलएमआरसी की तहरीर पर अज्ञात पतंगबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।
बार-बार मांझे के चलते रुक रहीं ट्रेनें
शुक्रवार को भी कृष्णानगर और सिंगार नगर मेट्रो स्टेशनों के बीच ट्रेनें खड़ी हो गई थीं। इसके बाद केडी सिंह बाबू स्टेडियम तथा विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशनों के बीच ऐसी ही घटना सामने आई है। चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी अब पुलिस की मदद से अभियान मेट्रो लाइन के आसपास के इलाकों में चलाया जाएगा।
अलर्ट : जानलेवा हो सकता 25 केवी का झटका
मेट्रो ने चेतावनी जारी की है कि ओएचई में 25 केवी की लाइन प्रवाहित होती है। 24 घंटे लाइनों में यह करंट रहता है। इस 25 केवी के करंट के झटके से पलक झपकते ही शरीर को जानलेवा नुकसान हो सकता है। इसके संपर्क में आने से अपंग भी हो सकते हैं।
क्यों नुकसान कर रहा चाइनीज मांझा?
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज मांझे को बनाने के समय धातु के बुरादे का उपयोग किया जाता है। इससे धातु के गुण मांझे में आ जाते हैं जोकि विद्युत प्रवाह का माध्यम बन जाता है। ऐसे मांझे मेट्रो की ओएचई में फंसकर जहां विद्युत आपूर्ति को ट्रिप कर देते हैं। यह मांझा ओएचई के समांतर चलने वाले कैटनरी तारों को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे मेट्रो सेवा प्रभावित होती है। वहीं ओएचई में दौड़ रहे 25केवी की लाइन के संपर्क में आने पर मांझे के दूसरे छोर पर मौजूद पतंग उड़ाने वालों को गंभीर नुकसान हो सकता है।