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Lucknow News: चाइनीज सिर्फ नाम, नायलॉन मांझा सबसे खतरनाक

Tue, 10 Feb 2026 02:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:12 AM IST
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Chinese is just a name, nylon manjha is the most dangerous
नायलॉन मांझा।
लखनऊ। शहर में खतरनाक मांझे से हुई कई दुखद घटनाओं के बावजूद इनका इस्तेमाल करने वाले लोग बाज नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन के अलावा चोरी छिपे अब भी यह बिक ही रहा है। इसमें भी नायलॉन का मांझा सबसे खतरनाक है। जानकार बताते हैं कि बंगलूरू में बना नायलॉन का यह मांझा सस्ता होने की वजह से बच्चों से लेकर युवाओं में लोकप्रिय है। इसकी कीमत 300 रुपये किलो बताई जाती है।
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लखनऊ में 200 दुकानदार हैं, जिसमें लगभग हर किसी के यहां छापा पड़ चुका है, लेकिन चाइनीज मांझा नहीं मिला। पतंगबाज व पतंग विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल हामिद का कहना है कि चाइनीज मांझा सिर्फ नाम का है। बंगलूरू में बना नायलॉन का मांझा ऑनलाइन धड़ल्ले से बिक रहा है। मोनो काइट नाम से इस मांझे के खिलाफ हमने और बरेली के मांझा निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में पांच साल तक केस लड़ा।
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2012 से लेकर 2017 तक चले मुकदमे में अदालत ने कंपनी को बंद करने के लिए कहा। इतने साल होने के बावजूद आज भी ऑनलाइन यह मांझा बिक रहा है। इसमें नायलॉन के धागे में लोहे का बुरादा मिला होता है। इसे ही चाइनीज बता दिया जा रहा है, जबकि चाइना का मांझा तो बहुत पहले ही 2002 में ही बाजार से आउट हो गया था। हम लोग तो चावल की लुद्दी और लोबान व मस्तगी के इस्तेमाल से सूती धागे से मांझा बनाते हैं। बाजार व ऑनलाइन मार्केट में मिलने वाले सारे मांझे हिंदुस्तान के बने हैं। 2008-2010 से यह धागे अस्तित्व में आए हैं। इसके अलावा यहियागंज के बाजार में भी बिक रहे पतले लोहे व प्लास्टिक के तार को लोग इस्तेमाल करते हैं, जिन पर रोक लगनी चाहिए।
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ऑनलाइन बिक्री पर रोक नहीं तो नहीं मिलेगी राहत
पतंगबाज यशपाल सोढ़ी का कहना है कि किशोर व युवाओं को पतंग लपेटने का मोह छोड़ना होगा। प्लास्टिक व नायलॉन के धागे से खतरा बढ़ रहा है। पुलिस को सामान्य मांझा वाले को परेशान नहीं करना चाहिए। पुलिस को सड़क किनारे व घरों से उड़ने वाली पतंगों पर रोक लगानी चाहिए। पतंगबाजी के लिए सिर्फ मैदान ही अधिकृत किए जाएं। वहीं, पतंगबाज आलोक चौहान बताते हैं कि त्योहार के समय यह ऑनलाइन खुद ही दिखने लगता है। यह 250-300 में मिल जाता है जबकि मांझे की चरखी 500 रुपये से शुरू होती है।
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