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बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से करें सावधान : राज्यपाल रामनाईक
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:56 AM IST
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रिपोर्ट का विमोचन करते राज्यपाल
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राज्यपाल राम नाईक ने बुधवार को राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में यूनिसेफ की ओर से प्रकाशित ‘द स्टेट ऑफ वर्ल्ड चिल्ड्रन-2017 : चिल्ड्रन इन ए डिजिटल वर्ल्ड’ रिपोर्ट का विमोचन किया।
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राज्यपाल ने यूनिसेफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया श्राप है या वरदान या इसका उपयोग कैसे करना चाहिए, इस लिहाज से यह रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है।
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डिजिटल वर्ल्ड से जो प्रगति हुई है, उसको शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। हमें नई तकनीक का प्रयोग देश को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहिए। यूनिसेफ की रिपोर्ट विश्व के 190 देशों में एक साथ जारी की गई।
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नाईक ने कहा कि इंटरनेट का प्रयोग करने वालों में बच्चों की संख्या एक तिहाई है। उन्हें डिजिटल दुनिया के खतरों से सचेत करते हुए सुरक्षित ऑनलाइन सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत है।
प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर ने यूनिसेफ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूनिसेफ ने बच्चों के विकास, बुनियादी शिक्षा और बाल श्रम पर सराहनीय कार्य किए हैं।
सही तरीके से डिजिटाईजेशन के प्रयोग से बच्चों में बदलाव लाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश यूनिसेफ के प्रोग्राम मैनेजर अमित मेहरोत्रा ने इंटरनेट को ज्ञान का खजाना बताया।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्रों को बताया कि किस तरह वह साइबर स्पेस के अपराधियों से सावधान रहें।
इन बातों का रखें ख्याल
- पब्लिक कनेक्शन पर कभी भी इंटरनेट बैंकिंग, ई वायलेट का इस्तेमाल न करें
- 11 डिजिट के नंबरों से सावधान रहें, ऐसे नंबरों से काल आती है तो उसे न तो रिसीव करें और न ही काल बैक करें।
- इंटरनेट सर्फिंग के दौरान ब्राउजर पर एचटीटीपीएस और सिक्योरिटी लॉक का सिंबल बना हो तभी सर्फिंग करें।
- अपने अलग अलग एकाउंट के अलग अगल पासवर्ड बनाएं, पासवर्ड अल्फा न्यूमेरिक रखें जिसे आसानी से ब्रेक न किया जा सके।
- एटीएम या डेबिट कार्ड के पीछे लिखे सीवीवी कोड किसी को न बताएं
- सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों से निजी जानकारी शेयर न करें
- लुभावने मैसेज के झांसे में न आएं
- मोबाइल परिवार के अतिरिक्त किसी से साझा न करें।
- सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के एकाउंट के पासवर्ड किसी को भी न बताएं।