घोर लापरवाहीः संक्रमण से बच्चे की मौत, बालगृह के डॉक्टर बोले- वजह बुखार
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ट्रेन में लावारिस मिले जिस नवजात को लखनऊ के प्राग नारायण स्थित राजकीय बालगृह शिशु भेजा गया था उसकी लापरवाही ने जान ले ली। बच्चे के पैर की जो तस्वीर सामने आई है वह बेहद भयावह है।
यह तस्वीर साफ बताती है कि उसके पैर में गंभीर संक्रमण था। पर, अपनी लापरवाही को छिपा रहे बालगृह के डॉक्टर का कहना है कि बच्चे की मौत बुखार की वजह से हुई।
यह बच्चा आठ अप्रैल को ट्रेन में सफर कर रहे नागरिकों को लावारिस मिला था। चाइल्ड लाइन ने उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, जहां से उसे डफरिन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के बाद उसे राजकीय बालगृह शिशु में भेज दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि उसका पूरा इलाज किए बिना ही उसे अस्पताल से ले जाया गया। सूत्रों का यह कहना है कि इसके पीछे कुछ अफसरों का दबाव था। इसकी सूचना चाइल्ड लाइन व बाल कल्याण समिति को नहीं दी गई।
नीला पड़ चुका था मासूम का पैर
उसे 28 अप्रैल को ट्रॉमा में भर्ती कराया गया, जहां तीन मई को उसकी मौत हो गई। पर इसके बाद मौत की असली वजह छिपाते हुए बुखार को वजह बता दिया गया।
मासूम की मौत से पहले की जो तस्वीर सामने आई है उसमे नजर आ रहा है कि उसका एक पैर सूजन के साथ ही नीला पड़ चुका था। बच्चे के पैर की हाल इतनी भयावह हो चुकी थी कि हम उसे पाठकों को दिखाना नहीं चाहते ।
ये तस्वीरें राजकीय बाल गृह में मासूम की देखभाल और इलाज में बरती गई लापरवाही का प्रमाण है।जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वेश पांडेय ने बच्चे की मौत का कारण बुखार बताया।
उनका कहना है कि बच्चे का कम वजन होने और उसे तेज बुखार आने पर चिकित्सकीय सहायता ली गई थी। जब बुखार कम नहीं हुआ तो केजीएमयू में भर्ती कराया गया।
डफरिन अस्पताल में हुआ शुरुआती इलाज
महिला कल्याण विभाग द्वारा बाल गृहों में बच्चों के इलाज के लिए नियुक्त डॉ. सुदर्शन का कहना है कि बच्चे को तेज बुखार था। उसे बुखार की दवा दी गई थी। लेकिन बाद में उसके पैर में सूजन आ गई जिससे उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया था।
लेकिन यहां उसकी मौत हो गई। मौत की वजह बुखार है। दूसरी ओर केजीएमयू के डॉक्टरों का कहना है कि बालगृह शिशु से आए नवजात बच्चे में खून का बहाव रुक गया था।
इसकी वजह से उसके खून को पतला करने की दवा दी जा रही थी। बच्चा काफी कमजोर था। बच्चे के पैर में संक्रमण तेजी से फैला जिससे मृत्यु हुई।डफरिन अस्पताल में मासूम का शुरूआती इलाज किया गया था।
यहां उसकी देखभाल करने वाले बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सलमान खान ने बताया कि नवजात को बालगृह को सुपुर्द करते समय वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका था केवल उसका वजन कम था जो सामान्य देखभाल से बेहतर हो जाता ।
डॉ खान ने मासूम के पैर में किसी तरह का संक्रमण या चोट से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि एक किलो से कुछ कम वजन का यह नवजात अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय 1700 ग्राम का हो चुका था।