फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Chief Minister Yogi said, the Center should start the portal of Agriculture Infrastructure Fund in Hindi also

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, कृषि अवसंरचना निधि का पोर्टल हिंदी में भी शुरू करे केंद्र

Mon, 06 Sep 2021 11:02 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 06 Sep 2021 11:02 PM IST
सार

पीएम किसान व किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लाभार्थियों का डाटा राज्य सरकार को देने की मांग की ताकि प्रदेश में केसीसी बनाने के काम में तेजी लाई जा सके।

विज्ञापन
Chief Minister Yogi said, the Center should start the portal of Agriculture Infrastructure Fund in Hindi also
CM yogi - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार से कृषि अवसंरचना निधि का पोर्टल हिंदी में भी शुरू कराने की मांग की। साथ ही पीएम किसान व किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लाभार्थियों का डाटा राज्य सरकार को देने की मांग की ताकि प्रदेश में केसीसी बनाने के काम में तेजी लाई जा सके। योगी सोमवार को सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के संबंध में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

विज्ञापन

 
योगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि अवसंरचना निधि की स्थापना की, जिससे किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। लेकिन, इससे संबंधित पोर्टल अंग्रेजी में होने से किसानों को समझने व आवेदन करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कुछ जिलों में केसीसी कम बनने के कारण बताएं। कहा कि किसानों के अप्रवासी होने तथा छोटी जोत के किसानों द्वारा इसमें रुचि न लेना है। उन्होंने सुझाव दिया कि पीएम किसान के लाभार्थियों का डाटाबेस तथा केसीसी का डाटाबेस केंद्र सरकार के पास है। यदि दोनों डाटा की मैचिंग राज्य सरकार को दी जाए, तो केसीसी बनाने में तेजी आएगी। उन्होंने किसान कल्याण के लिए केंद्र व राज्य सरकार के  स्तर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के  प्रदेश में क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन


एक स्थान से सभी योजनाओं का लाभ किसानों को
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर के किसानों का एक डाटाबेस तैयार करने की योजना है। इसमें किसानों के कल्याण के लिए संचालित सभी योजनाओं को लिंक किया जाएगा। किसानों को समय-समय पर सलाह दी जाएगी तथा उनके उत्पादों के विपणन की उचित व्यवस्था की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मथुरा, मैनपुरी तथा हाथरस को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहली बार कानपुर का जामुन यूके को हुआ निर्यात, चावल में बना रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने कृषि निर्यात की उपलब्धियां भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि कानपुर से गंगा जी के किनारे उत्पादित जामुन का मई-जून 2021 में लगभग 5,000 किलोग्राम का पहली बार यूनाईटेड किंगडम (यूके) को निर्यात किया गया। जामुन निर्यात से किसानों को 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम के स्थान पर लगभग 70 रुपये प्रति किलो प्राप्त हुआ।

इसी तरह वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश से सर्वाधिक वृद्धि नॉन-बासमती चावल के निर्यात में रही। 50.34 प्रतिशत वृद्धि के साथ यह 3,60,897.38 मीट्रिक टन पहुंच गई। 2019-20 में यह निर्यात 2,40,043.93 मीट्रिक टन था। रुपये के लिहाज से देखें तो 689.70 करोड़ से बढ़कर  913.16 करोड़ रुपये पहुंच गया।


कोविड काल में भी कृषि निर्यात में 1796 करोड़ रुपये की वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड से प्रभावित होने के बावजूद वर्ष 2020-21 के दौरान प्रदेश से कृषि निर्यात 17,58,479.29 मीट्रिक टन रहा। 2019-20 में प्रदेश से 15,15,784.59 मीट्रिक टन निर्यात हुआ था। रुपये के लिहाज से 2020-21 में 17,699.12 करोड़ और 2019-20 में 15,902.78 करोड़ का निर्यात हुआ। इस तरह कृषि निर्यात करीब 1796.34 करोड़ रुपये अधिक हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed