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सरकारी मुकदमों की पैरवी में सुस्ती पर मुख्यमंत्री योगी नाराज
Fri, 09 Oct 2020 06:58 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Oct 2020 06:58 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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सरकारी मुकदमों की पैरवी में सुस्ती का मामला सामने आया है। कई विभागों में सैकड़ों की संख्या में मुकदमों में सरकार का पक्ष समय से दाखिल नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। पैरवी में सुस्त 24 विभागों को अभियान चलाकर प्रति शपथपत्र दाखिल कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। प्रतिशपथ पत्र दाखिल किए जाने के मामले 2012 से भी लंबित हैं।
लंबित वादों में समय से प्रति शपथ पत्र दाखिल कराना विभागों की मुख्य जिम्मेदारी है। 15 सितंबर को लंबित मामलों में प्रतिशपथ पत्र दाखिल किए जाने की स्थिति की समीक्षा में पता चला कि नगर विकास, राजस्व, गृह, चिकित्सा स्वास्थ्य व वित्त सहित 11 विभाग ऐसे हैं जहां 1000 से अधिक मुकदमों में शपथ पत्र तक दाखिल नहीं किया गया है। नगर विकास व राजस्व में तो 7000-7000 से अधिक शपथ पत्र दाखिल करने के मामले लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई है।
इसके बाद मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने 266 या इससे अधिक शपथ पत्र के लंबित मामलों वाले 24 विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को एक सख्त पत्र लिखा है। उन्होंने इन अधिकारियों को जनवरी 2012 से 15 सितंबर 2020 तक प्रति शपथ पत्र दाखिल किए जाने के लिए लंबित वादों की सूची भेजी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित वादों में समयबद्ध रूप से अभियान चलाकर प्रति शपथ पत्र दाखिल करने की कार्यवाही सुनिश्चित कर 15 दिन में अवगत कराया जाए। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।
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लंबित वादों में समय से प्रति शपथ पत्र दाखिल कराना विभागों की मुख्य जिम्मेदारी है। 15 सितंबर को लंबित मामलों में प्रतिशपथ पत्र दाखिल किए जाने की स्थिति की समीक्षा में पता चला कि नगर विकास, राजस्व, गृह, चिकित्सा स्वास्थ्य व वित्त सहित 11 विभाग ऐसे हैं जहां 1000 से अधिक मुकदमों में शपथ पत्र तक दाखिल नहीं किया गया है। नगर विकास व राजस्व में तो 7000-7000 से अधिक शपथ पत्र दाखिल करने के मामले लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई है।
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इसके बाद मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने 266 या इससे अधिक शपथ पत्र के लंबित मामलों वाले 24 विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को एक सख्त पत्र लिखा है। उन्होंने इन अधिकारियों को जनवरी 2012 से 15 सितंबर 2020 तक प्रति शपथ पत्र दाखिल किए जाने के लिए लंबित वादों की सूची भेजी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित वादों में समयबद्ध रूप से अभियान चलाकर प्रति शपथ पत्र दाखिल करने की कार्यवाही सुनिश्चित कर 15 दिन में अवगत कराया जाए। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।
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विभागों में लंबित शपथ पत्र
नगर विकास 7538
राजस्व 7013
गृह 3871
चिकित्सा स्वास्थ्य 3568
वित्त 3293
उच्च शिक्षा 2359
बेसिक शिक्षा 2259
समाज कल्याण 1572
औद्योगिक विकास 1405
संस्थागत वित्त 1292
आवास व शहरी नियोजन 1247
चिकित्सा शिक्षा 907
गन्ना उद्योग व चीनी विकास 778
कृषि 751
माध्यमिक शिक्षा 614
नियुक्ति 548
ग्रामीण विकास 548
अल्पसंख्यक कल्याण 532
श्रम 489
खाद्य एवं रसद 418
ऊर्जा 401
वन 383
भूतत्व एवं खनिकर्म 270
सिंचाई 266