{"_id":"5eb3b7238ebc3ea8214974dc","slug":"chief-minister-yogi-adityanath-has-directed-to-ensure-recruitment-process-of-69000-teachers-within-a-week","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सीएम योगी का निर्देश, एक सप्ताह में सुनिश्चित कराएं 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम योगी का निर्देश, एक सप्ताह में सुनिश्चित कराएं 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया
Thu, 07 May 2020 01:15 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 07 May 2020 01:15 PM IST
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कोर्ट के निर्णय के क्रम में एक सप्ताह के भीतर 69000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं। सीएम योगी ने कहा कि कोर्ट के निर्णय से शिक्षकों की भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विद्यालयों को योग्य शिक्षक मिलेंगे। यह भी स्पष्ट हुआ है कि शिक्षक भर्ती के प्रकरण में राज्य सरकार का पक्ष और रणनीति सही थी।
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट लगाएगी सरकार
परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कहा कि उच्च न्यायालय का ऑर्डर वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है। ऑर्डर मिलने के बाद 69000 भर्ती मामले में आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में अपना अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए कटऑफ (सामान्य के लिए 65 फीसदी व आरक्षित के लिए 60 फीसदी अंक) पर मुहर लगा दी है। इससे योगी सरकार को बड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विद्यालयों को योग्य शिक्षक मिलेंगे। यह भी स्पष्ट हुआ है कि शिक्षक भर्ती के प्रकरण में राज्य सरकार का पक्ष और रणनीति सही थी।
विज्ञापन
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट लगाएगी सरकार
परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कहा कि उच्च न्यायालय का ऑर्डर वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है। ऑर्डर मिलने के बाद 69000 भर्ती मामले में आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में अपना अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए कटऑफ (सामान्य के लिए 65 फीसदी व आरक्षित के लिए 60 फीसदी अंक) पर मुहर लगा दी है। इससे योगी सरकार को बड़ी राहत मिली है।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल व न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने बुधवार को सरकार द्वारा तय किए गए मानकों पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार समेत अन्य अभ्यर्थियों की अपील पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही बताया है साथ ही तीन माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।
महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के चयन के लिए कटऑफ बढ़ाए गए थे। सरकारी वकील रणविजय सिंह के मुताबिक हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया है।
न्यूनतम अंक को लेकर सरकार गई थी कोर्ट
सरकार की तरफ से एकल न्यायाधीश के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 45 व आरक्षित के लिए 40 फीसदी रखने के आदेश दिए गए थे। छह जनवरी, 2019 को हुई भर्ती परीक्षा के तुरंत बाद 7 जनवरी को राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 65 व आरक्षित के लिए 60 फीसदी तय किए थे। इसी के खिलाफ कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे थे और एकल पीठ ने सरकार को आदेश दिए थे। इससे शिक्षामित्रों व कम अंक प्रतिशत लाने वाले अभ्यर्थियों को राहत मिली थी। भर्ती के लिए 5 दिसंबर, 2018 को शासनादेश जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी।
महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के चयन के लिए कटऑफ बढ़ाए गए थे। सरकारी वकील रणविजय सिंह के मुताबिक हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया है।
न्यूनतम अंक को लेकर सरकार गई थी कोर्ट
सरकार की तरफ से एकल न्यायाधीश के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 45 व आरक्षित के लिए 40 फीसदी रखने के आदेश दिए गए थे। छह जनवरी, 2019 को हुई भर्ती परीक्षा के तुरंत बाद 7 जनवरी को राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 65 व आरक्षित के लिए 60 फीसदी तय किए थे। इसी के खिलाफ कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे थे और एकल पीठ ने सरकार को आदेश दिए थे। इससे शिक्षामित्रों व कम अंक प्रतिशत लाने वाले अभ्यर्थियों को राहत मिली थी। भर्ती के लिए 5 दिसंबर, 2018 को शासनादेश जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी।