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पराली जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाएं : योगी
Sat, 16 Nov 2019 01:55 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Nov 2019 01:55 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदूषण की समस्या के मद्देनजर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल ने समस्त मंडलायुक्तों से बात कर निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकारों के प्रयासों को नाकाफी मानते हुए 29 नवंबर को यूपी सहित चार राज्यों के मुख्य सचिव को फिर से तलब कर लिया है।
25 नवंबर तक पिछले आदेश का अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है, जिसमें पराली खरीदने के निर्देश भी शामिल हैं। सुप्रीमकोर्ट ने इससे पहले नौ नवंबर को भी यूपी सहित कई राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया था। मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार की रात कोर्ट के नए निर्देशों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकांफ्रेंसिंग की थी और उन्हें पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह प्रमुख सचिव गोयल को समस्त मंडलायुक्तों से बात कर पराली जलाने की घटनाएं रोकने के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा।
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकारों के प्रयासों को नाकाफी मानते हुए 29 नवंबर को यूपी सहित चार राज्यों के मुख्य सचिव को फिर से तलब कर लिया है।
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25 नवंबर तक पिछले आदेश का अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है, जिसमें पराली खरीदने के निर्देश भी शामिल हैं। सुप्रीमकोर्ट ने इससे पहले नौ नवंबर को भी यूपी सहित कई राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया था। मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार की रात कोर्ट के नए निर्देशों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकांफ्रेंसिंग की थी और उन्हें पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह प्रमुख सचिव गोयल को समस्त मंडलायुक्तों से बात कर पराली जलाने की घटनाएं रोकने के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा।
इसके बाद गोयल ने समस्त मंडलायुक्तों से अलग-अलग बात की और पराली न जलाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों के बीच पराली जलाने की घटनाएं रोकने के प्रयासों में काफी सफलता मिली है।
जिलाधिकारियों ने पराली जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान, प्रदूषण की समस्या बढ़ने के साथ जलाने पर दंड की व्यवस्था के प्रचार-प्रसार भी शुरू किए हैं। कई जगह दंड की भी कार्रवाई की गई है। लेकिन, मुख्यमंत्री ने ऐसी एक भी घटना न होने देने के निर्देश दिए हैं।
दस्तक अभियान की सफलता के लिए विभागों के बीच पूर्ण समन्वय के निर्देश
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री गोयल ने मंलायुक्तों को दस्तक अभियान की सफलता के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि 15 दिन तक चलने वालेदस्तक अभियान के दौरान स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, महिला व बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने डेंगू केप्रकोप पर अंकुश के लिए सफाई, फॉगिंग व एंटी लार्वा दवा के छिड़काव की कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारियों ने पराली जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान, प्रदूषण की समस्या बढ़ने के साथ जलाने पर दंड की व्यवस्था के प्रचार-प्रसार भी शुरू किए हैं। कई जगह दंड की भी कार्रवाई की गई है। लेकिन, मुख्यमंत्री ने ऐसी एक भी घटना न होने देने के निर्देश दिए हैं।
दस्तक अभियान की सफलता के लिए विभागों के बीच पूर्ण समन्वय के निर्देश
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री गोयल ने मंलायुक्तों को दस्तक अभियान की सफलता के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि 15 दिन तक चलने वालेदस्तक अभियान के दौरान स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, महिला व बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने डेंगू केप्रकोप पर अंकुश के लिए सफाई, फॉगिंग व एंटी लार्वा दवा के छिड़काव की कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।