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लोकसभा चुनावः लखनऊ में 35.73 लाख वोटर देंगे मत, देखें विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता
Thu, 31 Jan 2019 06:16 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 31 Jan 2019 06:16 PM IST
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेंकटेश्वर लू
- फोटो : amar ujala
आगामी लोकसभा चुनाव में राजधानी के करीब 36 लाख वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। राजधानी के नौ विधानसभा क्षेत्रों की पुनरीक्षित मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन बृहस्पतिवार को हुआ। पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में 1.33 लाख पात्रों ने मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने को आवेदन किया था।
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सर्वे सत्यापन के बाद 82,312 के नाम शिफ्टेड, मृतक व डुप्लीकेट पाए जाने पर हटाए गए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि पुनरीक्षण सूची में 51,422 वोटर बढ़े हैं। तीन माह से अधिक समय तक चले पुनरीक्षण अभियान में जिले की मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने को पात्रता के आधार पर 1.33 लाख लोगों ने फार्म-6 भरकर आवेदन किया था।
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सिर्फ सीधे आवेदन करने वालों का नाम ही होगा दर्ज
उप जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, अब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा तक सिर्फ पात्रता के आधार पर सीधे आवेदन करने वालों के नाम ही मतदाता सूचियों में दर्ज कराया जा सकेगा।
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इस महीने बांटे जाएंगे रंगीन वोटर कार्ड
सूची का प्रकाशन होने के बाद नए बने मतदाताओं को रंगीन वोटर कार्ड बांटने का काम फरवरी से शुरू होगा। अभियान के दौरान पांचों तहसील क्षेत्रों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में डोर टू डोर सर्वे का काम पारदर्शिता से होने के कारण ही पहली बार मतदाता सूचियों में शामिल डुप्लीकेट, शिफ्टेड व मृतक वोटरों के नाम बड़ी संख्या में पुनरीक्षित सूचियों से हटाया जा सका।
पहली बार वोटर बने युवाओं की संख्या 40 हजार से अधिक
पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक जनवरी 2019 को मतदाता बनने की पात्रता पूरी करने वाले फर्स्ट टाइम वोटरों के नाम विशेष तौर पर जोड़ने पर जोर रहा। 40 हजार से अधिक 18 से 19 वर्ष की आयुसीमा के फर्स्ट टाइम वोटरों के नाम शामिल रहे।
ईवीएम ने हर चुनाव में दिए सही परिणाम, छेड़छाड़ संभव नहीं
वहीं, ईवीएम पर मचे सियासी घमासान पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सारी दलीलें सुनने के बाद यह बातें कही हैं। चुनाव से पहले चार बार इसकी चेकिंग होती है जिसकी सूचना सभी राजनीतिक दलों को दी जाती है। ईवीएम ने हर बार सही परिणाम दिए हैं। अब इस पर शक की कोई गुंजाइश नहीं है।
पहली बार वोटर बने युवाओं की संख्या 40 हजार से अधिक
पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक जनवरी 2019 को मतदाता बनने की पात्रता पूरी करने वाले फर्स्ट टाइम वोटरों के नाम विशेष तौर पर जोड़ने पर जोर रहा। 40 हजार से अधिक 18 से 19 वर्ष की आयुसीमा के फर्स्ट टाइम वोटरों के नाम शामिल रहे।
ईवीएम ने हर चुनाव में दिए सही परिणाम, छेड़छाड़ संभव नहीं
वहीं, ईवीएम पर मचे सियासी घमासान पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित है। इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सारी दलीलें सुनने के बाद यह बातें कही हैं। चुनाव से पहले चार बार इसकी चेकिंग होती है जिसकी सूचना सभी राजनीतिक दलों को दी जाती है। ईवीएम ने हर बार सही परिणाम दिए हैं। अब इस पर शक की कोई गुंजाइश नहीं है।
यहां देखें, विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता