मतदाता पुनरीक्षण सूची: 5 जनवरी 2022 को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
यूपी चुनाव 2022 को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। शनिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर मतदाता सूची के संबंध में पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है।
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यूपी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन एक नवंबर को किया जाएगा। 403 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में कुल 14 करोड़ 71 लाख मतदाता हैं। सूची पर 1 से 30 नवंबर तक दावे व आपत्तियां प्राप्त कर 20 दिसंबर तक निस्तारण किया जाएगा। 5 जनवरी को सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
7, 13, 21 और 27 नवंबर को सूची पुनरीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने शनिवार को बताया कि आयोग ने एक जनवरी, 2022 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी लोगों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी किया है।
प्रदेश में बढ़े 10 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ
विधानसभा चुनाव में कोविड प्रोटोकॉल गाइडलाइन के तहत प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता रखे जाएंगे। इसके चलते प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या 1,63,494 से बढ़कर 1,74,351 हो जाएगी और कुल 10,857 पोलिंग बूथ बढ़ जाएंगे।
विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि पुनरीक्षण के सभी कार्यों के लिए अलग-अलग आवेदन पत्र निर्धारित किए गए हैं।
इन्हें भरकर मतदाता पंजीकरण केंद्र, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करा सकेंगे। ऑनलाइन भी नाम जुड़वाने, हटवाने या त्रुटि सुधार के लिए आयोग के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकेगा।
- मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6
- प्रवासी मतदाता का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6ए
- सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7
- त्रुटि सुधार या संशोधन के लिए फॉर्म-8
मतदाता सूची का प्रिंट भी ले सकेंगे
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (एसीईओ) ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर मतदाता सूची देखने के साथ उसका प्रिंट भी ले सकते हैं। सूची का प्रारूप 1 से 30 नवंबर तक मतदान केंद्रों पर भी रखा जाएगा।
एक से अधिक जगह पंजीकरण नहीं
एसीईओ ने बताया कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वा सकेगा। सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची का एक-एक सेट निशुल्क दिया जाएगा। इसकी सॉफ्ट कॉपी भी सीडी में दी जाएगी।
बीएलए नियुक्त करें राजनीतिक दल
एसीईओ ने सभी राजनीतिक दलों को पुनरीक्षण के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया है। नई व्यवस्था के तहत बीएलए एक बार में 10 व पूरी पुनरीक्षण अवधि में कुल 30 फॉर्म आवश्यक घोषणा पत्र के साथ जमा करा सकते हैं। ये मृतक तथा शिफ्टेड मतदाताओं की सूची भी निर्धारित प्रारूप पर तैयार कराकर उपलब्ध करा सकते हैं।