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आईएएस अधिकारी का रिश्तेदार बन कारोबारी से ठगे १.७६ करोड, मुकदमा
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दवा कारोबारी ने दर्ज कराई ठगी की रिपोर्ट।
- फोटो : ??? ?????
राजाजीपुरम बी-ब्लाक निवासी दवा कारोबारी अभिषेक सिंह ने 1.76 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि ठगों ने कोरोना टेस्टिंग किट की आपूर्ति में मोटे मुनाफे का झांसा देकर रकम ऐंठी।
रकम मांगने पर गोमती नगर के विशालखंड निवासी अभय सिंह ने खुद को आईएएस अधिकारी का भाई और एक माफिया का करीबी बताकर धमकाया। इस पर पीड़ित ने गृह विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
जहां संयुक्त सचिव विनय कुमार सिंह के आदेश पर गोमतीनगर थाने में अभय सिंह, अशोक कुमार और एसके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, जांच की जा रही है कि किस आईएएस अधिकारी के नाम पर धमकी दी है, उनकी तैनाती कहां है।
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इसके अलावा उनका आरोपियों से क्या संबंध है। इसके अलावा कई अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है। वहीं, अभिषेक सिंह ने तहरीर देकर बताया कि उनकी बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एंड जनरल आर्डर की फर्म है। जून में उनकी मुलाकात अभय सिंह से हुई।
अभय ने अपने मित्र एसके सिंह की मैट्रिक्स हेल्थ केयर के नाम से फर्म होने की बात कही। वहीं एक अन्य दोस्त अशोक सिंह को फार्मास्टि बताया।
अभय ने झांसा दिया था कि पीसीआर मशीन, कोरोना टेस्टिंग किट और अन्य चिकित्सकीय उपकरण आपूर्ति का ठेका मिला है। रुपये लगाने पर 21 प्रतिशत का लाभ होगा।
मोटे मुनाफे के लालच में आकर देकर अभिषेक ने 1.76 करोड़ सरकारी टेंडर के लिए पूरी रकम देने की हामी भर दी। अभिषेक ने पूरी रकम नकदी व चेक के जरिए दी। लेकिन कई महीने बाद भी कोई मुनाफा नहीं मिला।
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रकम मांगने पर गोमती नगर के विशालखंड निवासी अभय सिंह ने खुद को आईएएस अधिकारी का भाई और एक माफिया का करीबी बताकर धमकाया। इस पर पीड़ित ने गृह विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
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जहां संयुक्त सचिव विनय कुमार सिंह के आदेश पर गोमतीनगर थाने में अभय सिंह, अशोक कुमार और एसके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, जांच की जा रही है कि किस आईएएस अधिकारी के नाम पर धमकी दी है, उनकी तैनाती कहां है।
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इसके अलावा उनका आरोपियों से क्या संबंध है। इसके अलावा कई अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है। वहीं, अभिषेक सिंह ने तहरीर देकर बताया कि उनकी बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एंड जनरल आर्डर की फर्म है। जून में उनकी मुलाकात अभय सिंह से हुई।
अभय ने अपने मित्र एसके सिंह की मैट्रिक्स हेल्थ केयर के नाम से फर्म होने की बात कही। वहीं एक अन्य दोस्त अशोक सिंह को फार्मास्टि बताया।
अभय ने झांसा दिया था कि पीसीआर मशीन, कोरोना टेस्टिंग किट और अन्य चिकित्सकीय उपकरण आपूर्ति का ठेका मिला है। रुपये लगाने पर 21 प्रतिशत का लाभ होगा।
मोटे मुनाफे के लालच में आकर देकर अभिषेक ने 1.76 करोड़ सरकारी टेंडर के लिए पूरी रकम देने की हामी भर दी। अभिषेक ने पूरी रकम नकदी व चेक के जरिए दी। लेकिन कई महीने बाद भी कोई मुनाफा नहीं मिला।