IMA और IDA की संयुक्त पहल से कैंसर मरीजों को मिलेगा सस्ता व सुलभ इलाज, 2020 थीम पर है मॉडल
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राजधानी लखनऊ में कैंसर मरीजों को सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) ने संयुक्त पहल की है। इसके तहत नि:शुल्क परामर्श दिया जाएगा। जांच व इलाज के लिए संबंधित क्षेत्र के अस्पताल में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सर्जरी में छूट भी दिलाई जाएगी। प्रयास होगा कि गरीब मरीजों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया जाए। इसके लिए एक कॉल सेंटर का संचालन किया जाएगा। इसका खर्च संजीवनी एजुकेशन ग्रुप उठाएगा।
आईएमए भवन में आयोजित कार्यक्रम में ओरल कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अनुराग यादव ने बताया कि ज्यादातर कैंसर मरीज अंतिम स्टेज पर चिकित्सक के पास पहुंचते हैं। कॉल सेंटर का बड़ा मकसद यह भी है कि मरीज झोलाछाप के चक्कर में न पड़ें। अभियान की थीम 2020 पर आधारित है। क्योंकि पहले चरण में 20 घंटे, 20 दिन और 20 चिकित्सकों को शामिल किया गया है। कॉल करने वाले को 20 घंटे के अंदर चिकित्सक कॉल करेंगे और 20 दिन में सही अस्पताल में पहुंचा दिया जाएगा। यदि मरीज प्राइवेट सेक्टर में इलाज कर आता है तो एडवांस स्टेज होने पर उसे सुविधाएं 20 प्रतिशत कम खर्च में उपलब्ध कराई जाएंगी।
ऐसे कार्य करेगा कॉल सेंटर
डॉ. अनुराग यादव ने बताया कि कॉल सेंटर के नंबर 9369896249 पर कॉल करना होगा। यदि मरीज ने लक्षण बताया है तो उसका नंबर विशेषज्ञ को दे दिया जाएगा। इसी तरह यदि मरीज में कैंसर की पुष्टि हो भी चुकी है तो अन्य जांच व इलाज के बारे में जानकारी दी जाएगी। अत्यंत गरीब मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना में कराया जाएगा।
पूरे प्रदेश के संस्थानों को जोड़ने का प्रयास
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पी के गुप्ता ने बताया कि पीके पैथोलॉजी में जांच की सुविधा दी जाएगी और रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली, रामा मेडिकल कॉलेज कानपुर ने इलाज के लिए सहमति दे दी है। केजीएमयू व लोहिया सहित अन्य संस्थानों से भी बातचीत जारी है।
इसके अलावा इलाज में डॉ. अनुराग यादव के साथ डॉ. नीरज टंडन, डॉ. विभोर महेंद्रु, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. राजीव पंत, डॉ. निशी श्रीवास्तव, डॉ. गौरव, डॉ. उदिता दीवान, डॉ. रोहिणी सिंह, डॉ. सृजन मुखर्जी, डॉ. आतिश कुंडू, डॉ. सरदार सिंह समेत अन्य डॉक्टर टीम में शामिल हैं।
बायोप्सी जांच से नहीं फैलता कैंसर
डॉ. अनुराग यादव ने बताया कि मरीजों में भ्रम है कि बायोप्सी के बाद कैंसर तेजी से फैलता है। भ्रम की वजह से 70 से 80 प्रतिशत मरीज अस्पताल में देरी से आ रहे हैं। कॉल सेंटर के जरिए इस भ्रम को भी दूर किया जाएगा।