लखनऊ: रैपर बादशाह के कार्यक्रम में अराजकता, जोश में होश खो बैठे युवा
रैपर बादशाह के कार्यक्रम में भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस फेल हुई। दर्शक बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। भीड़ के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
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झूलेलाल पार्क में चल रहे विकास दीपोत्सव की चौथी शाम लखनवी तहजीब तार-तार हो गई। रैपर बादशाह को सुनने के लिए हजारों की तादात में लोग जुट गए। जिन्हें नियंत्रित करने में पुलिस फेल हो गई। अतिउत्साहित युवाओं ने कुर्सियों के लिहाफ का बंडल बनाकर चीफ गेस्ट नीरज बोरा व मेयर संयुक्ता भाटिया की ओर तक फेंके। यही नहीं, भीड़ में लड़कियों से छेड़खानी भी होती रही, पर पुलिस मूकदर्शक बनकर अफसरों की सेवादारी में जुटी रही।
नगर निगम और प्रशासन की ओर से झूलेलाल पार्क विकास दीपोत्सव का आयोजन किया गया है, जहां रविवार को बॉलीवुड नाइट में मशहूर रैपर बादशाह की गायकी का प्रोग्राम था। बादशाह के मंच पर आने से तीन घंटे पहले ही पूरा पंडाल व आसपास की जगह फुल हो गई थी। कुर्सियों पर न बैठने की जगह थी, न ही बाहर खड़े होने के लिए जगह थी। माहौल युवाओं से ठसाठस था। इस बीच रात साढ़े आठ बजे के करीब रैपर बादशाह मंच पर पहुंचे तो इंतजार कर रहे युवाओं का जोश कई गुना बढ़ गया।
धीरे-धीरे गायकी के साथ लोगों ने डांस शुरू किया और अतिउत्साही युवाओं ने कुर्सियों के लिहाफ फाड़ डाले। इनके गोले बनाकर आगे बैठे अतिथियों व विशिष्टि अतिथियों की ओर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस मामला संभाल पाती, उससे पहले ही युवाओं ने लिहाफ का एक बंडल चीफ गेस्ट विधायक नीरज बोरा व मेयर संयुक्ता भाटिया की ओर फेंक दिया। जो संयोग से उन तक नहीं पहुंचा।
पंडाल के भीतर खाली लिहाफ के अंबार लग गए। पुलिस व नगर निगम के लोगों ने कुछ उपद्रवियों को पकड़ा भी। अतिउत्साह में दर्शक बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस उन्हें नीचे उतारने के प्रयास करती रही, पर भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। बैरिकेडिंग पार कर मुख्य पंडाल में घुसे कुछ युवाओं को वापस दूसरी ओर भेजा गया, लेकिन ज्यादातर युवाओं को पुलिस रोक नहीं पाई।
भीड़ में हुई छेड़खानी
बैरिकेडिंग के पास लड़कियों का खासा जमावड़ा था। कुर्सियों के लिहाफ से गोला बनाकर फेंकने के बाद उपद्रवियों ने छेड़खानी भी की। पर, उपद्रवियों को भीड़ की वजह से पहचाना नहीं जा सका। जब पुलिस से शिकायत की गई तो भीड़ के कारण उन्हें पुलिसवालों ने चलता कर दिया गया, जबकि बादशाह के जाने के बाद परिवार के साथ आई लड़कियां तब तक रुकी रहीं, जब तक भीड़ छंट नहीं गई।
जेब कटी, मोबाइल हुए चोरी
भीड़ में कई दर्शकों के पर्स भी पार हो गए। यही नहीं, लोगों के मोबाइल भी शातिरों ने पार कर दिए। बादशाह के जाने के बाद लोगों ने पुलिस में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई। लेकिन मोबाइल चोरों का कुछ पता नहीं चल सका।