फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Changes in UP budget.

खास होगा यूपी का बजट, इन योजनाओं का होगा ऐलान

Fri, 12 Feb 2016 11:33 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 12 Feb 2016 11:33 AM IST
विज्ञापन
Changes in UP budget.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 फरवरी को बतौर वित्त मंत्री लगातार पांचवां बजट पेश करेंगे। इन चार सालों में बजट का आकार बढ़कर ड्योढ़ा हो गया है।

विज्ञापन


खास बात यह है कि जैसे-जैसे बजट का आकार बढ़ा है, बजट में सियासी छाप भी गहरी हुई है। मुख्यमंत्री ने इन चार वर्षों के दौरान बजट में कई नए प्रयोग भी किए हैं।
विज्ञापन


सूबे के इतिहास में संभवत: पहली बार किसी सरकार ने दलीय महापुरुषों के स्थान पर दल के ही नाम से योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की है। अब मुख्यमंत्री जब अपना पांचवां बजट पेश करेंगे तो इसमें अगले चुनाव की रणनीति साफ नजर आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक जून 2012 को अपना पहला और वित्त वर्ष 2012-13 का आम बजट पेश किया था, तब इसका आकार 1,94,327.28 करोड़ था। 2015-16 में यह 3,02,687.32 करोड़ था।

2016-17 का बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट साबित होने वाला है। इसके साढ़े तीन लाख करोड़ के आसपास रहने की उम्मीद है। इस बीच सरकार ने कई बड़ी योजनाएं शुरू कीं।

शुरू करवाई ये बड़ी परियोजनाएं

Changes in UP budget.

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ सिटी जैसी कई बड़ी परियोजनाएं शुरू कर तेजी से बढ़ाईं। हालांकि बिजली और बेहतर शिक्षा के बहुत से बुनियादी काम अब भी बाकी हैं।

मुख्यमंत्री जब पांचवां बजट पेश करेंगे तो गांव-गांव में बदहाल सड़कें, 20 से 24 घंटे बिजली का बंदोबस्त, बुंदेलखंड और पूर्वांचल की बदहाली के अलावा प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए संभावित प्रावधानों पर सभी की नजरें होंगी।

इस तरह बढ़ा बजट (करोड़ रुपये)
2012-13--1,94,327
2013-14--2,15,919
2014-15--2,70,573
2015-16--3,02,687

एक बार काम-पांच साल तक नाम
इस सरकार ने शुरुआत में ही कई ऐसे बड़े काम लेने की योजना बनाई जिन्हें वह पूरे पांच साल तक प्रचारित कर सके और अगले चुनाव में उन्हें दिखाकर वोट मांग सके। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो, सीजी सिटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान ऐसे ही काम हैं।

पार्टी के नाम से परियोजनाओं की शुरुआत की

Changes in UP budget.

जानकार बताते हैं कि सत्ता में आने पर सत्ताधारी दल योजनाओं, परियोजनाओं के नाम अपने दल व विचाराधारा से जुड़े महापुरुषों के नाम पर करते आए हैं।

मुख्यमंत्री अखिलेश ने भी अपने पहले बजट में डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय नलकूप योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, जनेश्वर मिश्र पार्क व लोहिया ग्रामीण बस सेवा जैसे काम आगे बढ़ाए, मगर समय बीतने के साथ ही सरकार ने अपने दल के नाम से योजनाओं व परियोजनाओं का नामकरण शुरू कर दिया।

समाजवादी पेंशन, समाजवादी शुद्ध पेयजल सेवा योजना, समाजवादी आवास योजना, 108 समाजवादी स्वास्थ्य सेवा व समाजवादी श्रवण यात्रा सरीखी योजनाएं शुरू हुईं।

पांचवें बजट में लखनऊ-बलिया एक्सप्रेस-वे को समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बेसिक शिक्षा विभाग में समाजवादी पौष्टिक आहार योजना और स्वास्थ्य विभाग की ओर से समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना का एलान करने का प्रस्ताव है।

इस बजट में नई होगी पहल

Changes in UP budget.

केंद्र में प्रधानमंत्री नाम से तमाम योजनाएं चल रही थीं, लेकिन सूबे में ले-देकर मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ही लोगों की जुबान पर आती थी।

हालांकि बजट सीमित होने की वजह से यह ज्यादा प्रचार नहीं पा सकी। अखिलेश ने मुख्यमंत्री नाम वाली कई नई योजनाएं शुरू की हैं।

पिछले साल मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान नई योजना थी तो इस बार मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री ‘जन सुनवाई’ सुविधा नई पहल है।

इन योजनाओं में ये किए गए परिवर्तन

Changes in UP budget.

मुख्यमंत्री ने अपने पहले बजट में सपा मुखिया के कार्यकाल वाली दो अहम योजनाओं कन्या विद्याधन और बेरोजगारी भत्ता को बहाल किया। कन्या विद्याधन बाद में मेधावियों तक सीमित हो गया और बेरोजगारी भत्ता में पहले साल के बाद वाले बेरोजगार नहीं लिए गए।

पहले साल इंटरमीडिएट उत्तीर्ण सभी छात्रों को लैपटॉप मिला , लेकिन अगले साल से इसे मेधावियों तक सीमित कर दिया गया।
चुनावी वादे और बजट में एलान के बावजूद हाईस्कूल पास करने वाले छात्रों को सरकार टैबलेट नहीं दे पाई तो महिलाओं को दो साड़ी और बुजुर्गों को कंबल का वादा भी पूरा नहीं हुआ। इनके अलावा भी कई योजनाएं शुरू और बंद की गईं।

बजट में इन बड़े कामों का होगा एलान
- लखनऊ से बलिया तक समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे।
- कानपुर, वाराणसी और मेरठ में मेट्रो।
- किसानों को इलाज के साथ बीमा की सुविधा देने वाली ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’।

- समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना।
- इनिशिएटिव ऑफ समाजवादी पार्टी एंड अखिलेश यादव रूरल सस्टेनेबल होम्स यानी ‘आई स्पर्श’।
- बीमा के नाम पर फ्रॉड करने वाली कंपनियों पर नकेल के लिए डिपोजिटर प्रोटेक्शन एक्ट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed