लखनऊ: नई जनगणना से बढ़ेगा वार्डों का दायरा और आबादी, डिजिटल मैप बनाने का काम शुरू
नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों के डिजिटल मैप बनाने का काम शुरू हो गया है। शहर की आबादी के साथ नगर निगम की सीमा में 88 नए गांव शामिल होने से वार्डों का दायरा भी बढ़ेगा।
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इस साल होने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। वार्डों के डिजिटल मैप बनाने का काम शुरू हो गया है। जनगणना 2021 में शहर की आबादी के साथ नगर निगम में सीमा में 88 नए गांव शामिल होने से वार्डों का दायरा भी बढ़ जाएगा। मौजूदा पार्षदों का कार्यकाल 12 दिसंबर को खत्म होने से पहले चुनाव होना है। वहीं, 2011 के बाद 2021 में जनगणना का काम होना था, जो कोरोना के चलते नहीं हो पाया। अभी तक चर्चा थी कि चुनाव तक जनगणना का काम नहीं हो पाएगा। ऐसे में कुछ वार्डों में जनगणना का सैंपल सर्वे के आधार पर आबादी का आकलन कर उसके आधार पर वार्डों का परिसीमन किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से लागू होती, उससे पहले केंद्र की ओर से जनगणना कराने का आदेश जारी कर दिया गया। अब डिजिटल सिस्टम से जल्द यह काम कराने की योजना है। नगर निगम और जनगणना निदेशालय ने इसे लेकर काम शुरू कर दिया है। पिछली बार 2017 के चुनाव में वार्डों का परिसीमन किया गया था। अब इसके आधार पर नए 88 गांवों को जोड़ते हुए जनगणना निदेशालय और नगर निगम ने वार्डों के डिजिटल मैप बनाने का काम शुरू कर दिया है।
जेसी बोस वार्ड की आबादी सबसे कम
पिछले चुनाव में सभी 110 वार्डों का परिसीमन हुआ था। इसमें आबादी के हिसाब से सबसे छोटा वार्ड जोन एक का जेसी बोस रहा। इसकी आबादी 19,215 है। वहीं, 34,352 के आंकड़े के साथ जोन तीन का जानकीपुरम द्वितीय सबसे बड़ा वार्ड है।
ब्लॉक बनाने का काम भी शुरू
जनगणना को लेकर हर वार्ड को कई ब्लॉक में बांटा जाता है। इसी आधार पर जनगणना के लिए कर्मचारी तैनात होते हैं। चूंकि नगर निगम में 88 गांव और शामिल हो गए हैं, ऐसे में वार्डों का परिसीमन भी किया जाएगा। इससे उनका दायरा भी बदल जाएगा। नए सिरे से ब्लॉक बनाने के लिए भी 2017 का रिकॉर्ड निकाला गया है। इससे देखा जा रहा है कि किस ब्लॉक में कितना क्षेत्रफल था और कौन-कौन से इलाके शामिल थे। अब इनमें कौन-कौन से नए इलाके जोड़े जा सकते हैं, इसे लेकर मंथन किया जा रहा है।
आबादी में 20% की वृद्धि
पिछली जनणगना 2011 में नगर निगम सीमा की आबादी 28,17,105 थी। बीते दस सालों में इसमें करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि मानी जा रही है। ऐसे में करीब छह लाख की आबादी नगर निगम की पुरानी सीमा में ही बढ़ने का अनुमान है। इसी तरह नगर निगम सीमा में जो नए 88 गांव शामिल हुए हैं, उनकी आबादी भी तीन से चार लाख आंकी जा रही है। ऐसे में सभी 110 वार्डों में आठ से नौ हजार आबादी बढ़ने का अनुमान है।