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चंपत राय बोले: देश के हर कोने से राम को मिले उपहार, पत्थर आए राजस्थान से तो तेलांगाना से आया ग्रेनाइट
Mon, 22 Jan 2024 12:10 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 22 Jan 2024 12:10 PM IST
सार
Ram Mandir Ayodhya: चंपत राय ने कहा कि देश का ऐसा कोई कोना नहीं है जहां से राम को उपहार ना मिले हों।
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ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
श्री राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि राम मंदिर के लिए देशभर से दोनों हाथों से दान किया है। देश का ऐसा कोई कोना नहीं रहा है जहां से राम के लिए उपहार ना आए हों। एक बानगी गिनाते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए घंटा कासगंज से आया तो नीचे पड़ने वाली राख रायबरेली के ऊंचाहार से आई है।
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गिट्टी मध्य प्रदेश के छतरपुर से पहुंची तो ग्रेनाइट तेलांगाना से आया है। पत्थर राजस्थान के भरतपुर से पहुंचे तो दरवाजों की लकड़ी महाराष्ट से। उस दरवाजे पर पर सोने और डायमंड का काम मुंबई के एक व्यापारी का है। पत्थर कर्नाटक का है। जिन्होंने बनाया वो मैसूर के हैं। गरुण की मूर्ति राजस्थान के कलाकार ने बनाई है। लकड़ी के काम के कारीगर कन्याकुमारी के हैं और कपड़े और भगवान के वस्त्र दिल्ली के एक युवक मनीष त्रिपाठी ने बनाए। आभूषण लखनऊ से बनवाए गए हैं। इनकी नक्काशी राजस्थान में हुई है। देश का ऐसा कोई कोना नहीं है जहां से राम मंदिर के लिए समर्पण ना आया हो।
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