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आखिर चार साल में कैसे होगी डेढ़ लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती, एक साल में एक प्रक्रिया भी नहीं हुई पूरी

Sun, 29 Apr 2018 10:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 29 Apr 2018 10:22 AM IST
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challenges in recruitment in uttar pradesh police.

उत्तर प्रदेश में पुलिस के खाली पड़े डेढ़ लाख पदों को भरने की चुनौती बढ़ती जा रही है। सरकार ने न्यायालय में हलफनामा दिया था कि वह हर साल 30 से 35 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती करेगी जिससे पांच साल के अंदर सभी रिक्तियां पूरी हो जाएंगी। लेकिन हकीकत यह है कि मौजूदा सरकार के एक साल बीत जाने के बावजूद एक भी भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।

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राहत की बात यह है कि वर्ष 2015 में अखिलेश सरकार में हुई भर्ती को न्यायालय ने हरी झंडी दे दी है जिससे भर्ती बोर्ड को लगभग 35 हजार सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया नए सिरे से नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि अब भी 2015 की भर्ती के लिए मेरिट सूची जारी नहीं हो पाई है।
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दरअसल, सिपाहियों की भर्ती के लिए पिछले पांच साल में तीन तरह के नियम लागू हुए। सपा सरकार में 2013 में 41610 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पुरानी नियमावली से की गई। वहीं करीब आठ हजार अन्य पदों पर भी भर्तियां हुईं।
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2015 में अखिलेश सरकार ने नियमों को बदलते हुए मेरिट के आधार पर नागरिक पुलिस व पीएसी में सिपाही के 34716 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की। इस प्रक्रिया को न्यायालय में चुनौती दी गई। हाल ही न्यायालय ने इस भर्ती प्रक्रिया को वैध घोषित करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को मेरिट सूची जारी करने के निर्देश दिए, लेकिन बोर्ड अभी मेरिट सूची जारी नहीं कर सका है।

दरोगा भर्ती 2016 के भी परिणाम का इंतजार

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अखिलेश सरकार में ही दरोगा के 3307 पदों के लिए 2016 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। इसके लिए 6.30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। यह भर्ती ऑनलाइन परीक्षा से कराई जानी थी। परीक्षा की तिथि घोषित होती, इससे पहले प्रदेश में चुनाव घोषित हो गया। चुनाव बाद सरकार बदली लेकिन भर्ती प्रक्रिया जारी रही।

जुलाई में ऑनलाइन परीक्षा शुरू हुई लेकिन चार दिन बाद पेपर लीक के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई। पांच महीने की मशक्कत के बाद 12 दिसंबर से 23 दिसंबर तक दोबारा ऑनलाइन परीक्षा हुई, लेकिन अब तक परिणाम घोषित नहीं हो सका है।

पारदर्शी और त्रुटिरहित परिणाम के चक्कर में हो रही देरी : भर्ती बोर्ड

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

भर्ती बोर्ड के चेयरमैन जीपी शर्मा का कहना है कि वर्ष 2016 दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा को लेकर कई आपत्तियां आई थीं जिनका निराकरण परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने किया है। जल्द ही दस्तावेजों के सत्यापन और फिजिकल टेस्ट के लिए सूची जारी करेंगे। सिपाही भर्ती 2015 की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए भी जल्द ही मेरिट सूची जारी की जाएगी।

2018 में शुरू हुई 41520 सिपाहियों की भर्ती के लिए 23 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। इनकी ऑफलाइन परीक्षा की व्यवस्था कराई जा रही है। परीक्षा अक्तूबर में कराए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल पत्र के बारे में उन्होंने कहा कि यह फर्जी है।

चार साल में डेढ़ लाख भर्ती कैसे होगी, के सवाल पर शर्मा ने कहा, जल्द ही वर्ष 2015 वाली 34716 सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। 2015 वालों की ट्रेनिंग पूरी होगी, तब तक 2018 की भर्ती वालों का रिजल्ट आ चुका होगा और वे ट्रेनिंग पर जाएंगे।

हमारा प्रयास है कि पारदर्शी और त्रुटिरहित परिणाम आएं, जिससे लोगों को न्यायालय में जाने का मौका न मिले। 2016 की दरोगा भर्ती प्रक्रिया में थोड़ी देर हो रही है। इस मामले में 15 याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल हो चुकी हैं, लेकिन बोर्ड के प्रयास से सभी याचिकाएं खारिज हो गई हैं।

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