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वसीम रिजवी के खिलाफ बलवा-हत्या के मामले में मुकदमा चलाने के आदेश को चुनौती, अर्जी स्वीकार
Sat, 07 Sep 2019 11:25 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 07 Sep 2019 11:25 AM IST
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WASIM RIZVI
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नमाज के बाद शांतिपूर्ण जुलूस के दौरान बलवा करने और हत्या करने के मामले में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी समेत दो को पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने वाली फाइनल रिपोर्ट को खारिज करके आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के सीजेएम के आदेश को चुनौती दी गई है।
एडीजे कक्ष संख्या-3 ने वसीम रिजवी की ओर से दाखिल की गई चुनौती को स्वीकार करते हुए वादी मौलाना कल्बे जव्वाद को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।
वसीम रिजवी की ओर से जिला न्यायालय में सीजेएम के आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि वर्ष 2014 में वादी कल्बे जव्वाद ने वजीरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 25 जुलाई 2014 को जुमे की नमाज के बाद वह जुलूस निकाल कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे। शहीद स्मारक के पास अधिकारियों ने जुलूस को रोक दिया। इस बीच वसीम रिजवी, जिया अब्बास व उनके साथियों ने बलवा कर दिया। इससे मची भगदड़ में सैयद कर्रार मेंहदी की मौत हो गई।
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एडीजे कक्ष संख्या-3 ने वसीम रिजवी की ओर से दाखिल की गई चुनौती को स्वीकार करते हुए वादी मौलाना कल्बे जव्वाद को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।
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वसीम रिजवी की ओर से जिला न्यायालय में सीजेएम के आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि वर्ष 2014 में वादी कल्बे जव्वाद ने वजीरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 25 जुलाई 2014 को जुमे की नमाज के बाद वह जुलूस निकाल कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे। शहीद स्मारक के पास अधिकारियों ने जुलूस को रोक दिया। इस बीच वसीम रिजवी, जिया अब्बास व उनके साथियों ने बलवा कर दिया। इससे मची भगदड़ में सैयद कर्रार मेंहदी की मौत हो गई।
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इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद वसीम रिजवी को क्लीन चिट देते हुए 13 मई 2016 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद कल्बे जव्वाद ने कोर्ट में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को चुनौती देते हुए प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
इस पर सुनवाई के बाद तत्कालीन सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने 22 जुलाई 2019 को पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले को दर्ज किया। साथ ही वसीम रिजवी और जिया अब्बास के खिलाफ हत्या व साजिश का मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में तलब किया। इस आदेश को वसीम रिजवी ने निगरानी याचिका के जरिए चुनौती दी। इस पर एडीजे ने याचिका को स्वीकार करते हुए वादी को नोटिस जारी किया है।
इस पर सुनवाई के बाद तत्कालीन सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने 22 जुलाई 2019 को पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को खारिज करते हुए मामले को दर्ज किया। साथ ही वसीम रिजवी और जिया अब्बास के खिलाफ हत्या व साजिश का मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में तलब किया। इस आदेश को वसीम रिजवी ने निगरानी याचिका के जरिए चुनौती दी। इस पर एडीजे ने याचिका को स्वीकार करते हुए वादी को नोटिस जारी किया है।