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'मायावती भ्रष्ट, तानाशाह, NDA में शामिल होने लायक नहीं'

Mon, 18 Jan 2016 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 18 Jan 2016 02:33 AM IST
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Central state minister Ram Shankar Katheriya slams Mayawati.

भाजपा का दलित चेहरा समझे जाने वाले केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया का कहना है कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने चार बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी दलितों के विकास के लिए कुछ नहीं किया। वह तानाशाह और भ्रष्ट हैं। उन्होंने अपने भाई को धनवान बना दिया। वह एनडीए में शामिल करने लायक नहीं हैं।

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कठेरिया कहते हैं, संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता सपा के कुशासन व गुंडागर्दी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी।

पार्टी नेतृत्व यदि प्रदेश संगठन में उन्हें कोई जिम्मेदारी देगा तो उसे निष्ठा के साथ निभाएंगे। राजधानी आए डॉ. कठेरिया ने रविवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में सवालों के बेबाकी से जवाब दिए, पेश हैं खास अंश:-
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प्रश्न- इधर आपकी सक्रियता बढ़ी हुई है, क्या पार्टी आपको दलित फेस के रूप में पेश कर रही है?

जवाब-
मेरा लखनऊ या अन्य स्थानों पर आना-जाना सामान्य प्रक्रिया है। भाजपा की सोच सर्वसमाज की है। भाजपा, दलित, पिछड़ा, सवर्ण सबका विकास चाहती है। मायावती का सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय का नारा खोखला है। इस पर तो भाजपा अमल करती है। मायावती तो स्वयं हिताय-स्वयं सुखाय में भरोसा रखती है।

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'मायावती तानाशाह है, भ्रष्टाचारी हैं'

Central state minister Ram Shankar Katheriya slams Mayawati.

प्रश्न- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी अवामी मोचा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने मायावती को एनडीए में शामिल करने का सुझाव दिया है....?

जवाब-
मांझी यूपी के हालात को नहीं जानते। मायावती इस लायक नहीं हैं कि उन्हें एनडीए में शामिल किया जाए। वह तानाशाह है, भ्रष्टाचारी हैं। वह स्वयंभू नेता हैं, उनका लोकतंत्र में भरोसा नहीं हैं। उन्होंने अपने भाई को धनवान बना दिया। उनकी 100 से ज्यादा कंपनियां चल रही हैं।

भाजपा ने उन्हें दो बार इसलिए मुख्यमंत्री बनाया कि भाजपा को सवर्णों की पार्टी समझा जाता था। लेकिन चार बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद उन्होंने दलितों के लिए कुछ नहीं किया।

प्रश्न- प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार लखनऊ आ रहे नरेंद्र मोदी डॉ. अंबेडकर महासभा के कार्यालय जाएंगे, क्या यह भाजपा के दलित एजेंडे का हिस्सा है?

जवाब-
नहीं, यह प्रधानमंत्री का स्वाभाविक दौरा है। वह हमेशा देश के 125 करोड़ लोगों की बात करते हैं। इसमें दलित, पिछड़े, अगड़े सभी शामिल हैं।

यह होगा 2017 के लिए भाजपा का रोडमैप

Central state minister Ram Shankar Katheriya slams Mayawati.

प्रश्न- आपको भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है..?

जवाब-
मैं पार्टी का सिपाही हूं। सिपाही के लिए संगठन का आदेश सर्वोपरि होता है। सवाल अध्यक्ष पद का नहीं है। पार्टी मेरी जो भी भूमिका तय करेगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।

प्रश्न- 2017 के चुनाव लिए भाजपा का कोई रोडमैप ?

जवाब-
हमारे संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। अधिकतर जिलाध्यक्षों की घोषणा हो गई है। इसी महीने प्रदेश अध्यक्ष भी घोषित हो सकते हैं। संगठनात्मक चुनाव पूरा होते ही सपा सरकार के कुशासन और गुंडाराज के खिलाफ जनता को साथ लेकर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।

नई शिक्षानीति पर ‌स्‍किल डेवलपमेंट पर होगा पूरा जोर

Central state minister Ram Shankar Katheriya slams Mayawati.

प्रश्न- नई शिक्षा नीति को लेकर क्या तैयारियां है, इसमें क्या नया होगा ?

जवाब-
नई शिक्षा नीति को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया है। लगभग 30 हजार सुझाव आए हैं। विशेषज्ञ इन पर विचार कर रहे हैं। हमारा पूरा जोर क्वालिटी एजूकेशन पर है। प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट पर फोकस कर रहे हैं। नई शिक्षा नीति में इसे शामिल किया जाएगा।

कॉलेज स्तर पर इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। हमारी कोशिश है कि  गरीब और प्रतिभावान बच्चे पढ़ाई से वंचित न रहें। उनके लिए देश में एक-दो विश्वविद्यालयों की स्थापना करने पर विचार किया जाएगा।

प्रश्न - प्राइमरी शिक्षा की बदहाली कैसे दूर करेंगे ?

जवाब-
नि:संदेह, प्राथमिक शिक्षा की स्थिति ठीक नहीं है। यूपी के हालात ज्यादा खराब हैं। प्राथमिक शिक्षा नहीं सुधरेगी तो ऊपर तक नींव कमजोर रहेगी। देखिये, हमारा संघीय ढांचा है। शिक्षा पर कंट्रोल राज्य सरकार का है। हम पैसा देते हैं। धनावंटन कम-ज्यादा हो जाए तो हल्ला मच जाता है।

हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं कि प्राथमिक शिक्षक अध्यापन के अलावा अन्य कामों से मुक्त हों। चुनाव, सर्वे, जनगणना आदि के लिए राज्यों को अलग मैकेनिज्म विकसित करना चाहिए। स्कूल बंद करके ये काम नहीं कराए जाने चाहिए।

चयनकर्ता विदेशी, इसलिए शीर्ष में नहीं शामिल भारतीय संस्थान

Central state minister Ram Shankar Katheriya slams Mayawati.

डॉ. रामशंकर कठेरिया ने विश्व के शीर्ष 200 शैक्षिक संस्थानों में एक भी भारतीय नाम न होने को पक्षपातपूर्ण करार दिया है। चयन करने वाली समिति पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह समिति में सिर्फ विदेशी हैं, इसी वजह से भारतीय विश्वविद्यालय शामिल नहीं किए गए हैं। कठेरिया रविवार को एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमारे शैक्षिक संस्थानों में सुधार की काफी गुंजाइश है। इसलिए हम हर साल विश्व के शीर्ष संस्थानों के 500 शिक्षकों को भारतीय संस्थानों में कम से कम एक सेमेस्टर में पढ़ाने बुलाएंगे।

डॉ. कठेरिया के मुताबिक, जल्द ही देश में आदर्श शिक्षा नीति लागू होगी। इसके लिए 30 हजार सुझाव आए हैं।

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