राहुल के ड्रीम प्रोजेक्ट पर मोदी ने लगाई ब्रेक
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कई दशक से वीआईपी क्षेत्र का रुतबा रखने वाले अमेठी व रायबरेली जिलों में केंद्र के बदले निजाम के साथ ही विकास की धार कुंद होने लगी है।
मोदी सरकार ने अब सांसद राहुल गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट जगदीशपुर के मेगा फूड पार्क को निरस्त कर दिया है। राहुल ने अपने संसदीय क्षेत्र में सात अक्तूबर 2013 को इस मेगा फूड पार्क की बुनियाद रखी थी।
बीते सात-आठ महीने से बंद होते उद्योग, निर्माणाधीन सड़कों में पसरा सन्नाटा व एम्स जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में पत्ता न खड़कना यह बताने के लिए काफी था कि दिल्ली की सियासी बिसात में अब यहां के नुमाइंदों की पहले जैसी हैसियत नहीं रही।
पर शायद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को ये प्रतीक भी पर्याप्त नहीं लगे। जगदीशपुर में 200 करोड़ रुपये से बनने वाले मेगा फूड पार्क में फूड प्रोसेसिंग की कई इकाइयां लगनी थीं, जिनसे अमेठी के साथ ही प्रदेश के करीब 40 हजार किसान लाभान्वित होते।
करीब 25 हजार लोगों को मिलता रोजगार
इसमें करीब 25 हजार लोगों को सीधे व इतने ही बेरोजगारों को परोक्ष रूप से काम मिलता। केंद्र में यूपीए सरकार जाने के बाद से ही मेगा फूड पार्क के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा था। आखिर केंद्र सरकार ने प्रस्तावित मेगा फूड पार्क को निरस्त ही कर दिया।
450 में से बंद हो गईं 350 फैक्ट्रियां
राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र बना था। यहां करीब 450 छोटे-बड़े कल-कारखाने लगे थे। इंडस्ट्री के लिहाज से लोग इसकी तुलना कानपुर से करते थे।
लेकिन धीरे-धीरे 450 में से 350 फैक्ट्रियां बंद हो गईं। बंद होने वाली फैक्ट्रियों में एग्रो पेपर मिल, आरिफ सीमेंट, मारवा सीमेंट, सोना ब्रेड समेत कई मझोली व छोटी फैक्ट्रियां शामिल हैं।