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नवरात्र में बिके वाहनों का शत प्रतिशत पंजीयन नहीं
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आरटीओ में मंगलवार शाम तक 1109 वाहन हुए पंजीकृत
राजधानी के वाहन डीलरों की लापरवाही के चलते नवरात्र की प्रतिपदा से महानवमी तक बिके वाहनों का संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में अब तक शत प्रतिशत पंजीयन नहीं हो सका है, क्योंकि डीलरों ने समय से अथॉरिटी वाले कर्मचारी के डिजिटल सिग्नेचर तैयार नहीं कराए, जिसके कारण वाहनों के पंजीयन में लेट-लतीफी हो रही है।
मंगलवार शाम तक सिर्फ 1109 वाहन ही पंजीकृत हुए। इनमें 672 मोटर साइकिलें और 437 कारें शामिल हैं। आरटीओ के रिकॉर्ड में नवरात्र में सबसे महंगी 38.10 लाख की कार बिकी है। यानी जो तीन बीएमडब्ल्यू कार महानवमी पर ग्राहक खरीद कर घर ले गए, उनका अब तक पंजीयन नहीं हो पाया है।
डिजिटल सिग्नेचर बना रोड़ा
नवरात्र पर बिके वाहनों के पंजीकृत न होने का कारण ‘डिजिटल सिग्नेचर’ है, जो उनकी फाइल को अपलोड करने में रोड़ा बना हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी द्विवेदी ने बताया कि सभी वाहन डीलरों को आदेश दिए गए थे कि बिकने वाले वाहन के दस्तावेजों को स्कैन करने के बाद उनको डिजिटल सिग्नेचर से प्रमाणित करके ही परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें, मगर इसमें लेट-लतीफी हुई है।
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राजधानी के वाहन डीलरों की लापरवाही के चलते नवरात्र की प्रतिपदा से महानवमी तक बिके वाहनों का संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में अब तक शत प्रतिशत पंजीयन नहीं हो सका है, क्योंकि डीलरों ने समय से अथॉरिटी वाले कर्मचारी के डिजिटल सिग्नेचर तैयार नहीं कराए, जिसके कारण वाहनों के पंजीयन में लेट-लतीफी हो रही है।
मंगलवार शाम तक सिर्फ 1109 वाहन ही पंजीकृत हुए। इनमें 672 मोटर साइकिलें और 437 कारें शामिल हैं। आरटीओ के रिकॉर्ड में नवरात्र में सबसे महंगी 38.10 लाख की कार बिकी है। यानी जो तीन बीएमडब्ल्यू कार महानवमी पर ग्राहक खरीद कर घर ले गए, उनका अब तक पंजीयन नहीं हो पाया है।
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डिजिटल सिग्नेचर बना रोड़ा
नवरात्र पर बिके वाहनों के पंजीकृत न होने का कारण ‘डिजिटल सिग्नेचर’ है, जो उनकी फाइल को अपलोड करने में रोड़ा बना हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी द्विवेदी ने बताया कि सभी वाहन डीलरों को आदेश दिए गए थे कि बिकने वाले वाहन के दस्तावेजों को स्कैन करने के बाद उनको डिजिटल सिग्नेचर से प्रमाणित करके ही परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें, मगर इसमें लेट-लतीफी हुई है।
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